दिल्ली: हुमायूं के मकबरा परिसर में हादसा, कमरे की छत गिरने से 6 लोगों की मौत, कई घायल
दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके स्थित हुमायूं के मकबरे परिसर में शुक्रवार को बड़ा हादसा हुआ। परिसर में बनी एक मस्जिद के पास स्थित कमरे की छत अचानक गिर गई, जिसमें कई लोग मलबे में दब गए। हादसे के बाद तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया और 11 लोगों को बाहर निकाला गया। इनमें से 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि 5 को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया।
अधिकारियों ने बताया कि घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इनमें से 9 लोगों को एम्स ट्रॉमा सेंटर, एक को राम मनोहर लोहिया अस्पताल और एक अन्य को LJPN अस्पताल में शिफ्ट किया गया।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, अग्निशमन विभाग और NDRF की टीमें मौके पर पहुंचीं। पूरे परिसर को खाली कराया गया और मलबा हटाने का काम शुरू किया गया। दिल्ली अग्निशमन सेवा के अधिकारियों ने बताया कि शाम करीब साढ़े चार बजे सूचना मिली थी कि गुंबद गिर गया है। हालांकि जांच में पता चला कि गुंबद सुरक्षित है और मस्जिद के पास बने कमरे की छत गिरी है। प्राथमिक आशंका है कि लगातार हो रही बारिश के कारण यह हादसा हुआ।
इससे पहले भी बारिश के चलते दिल्ली में हादसे हुए हैं। हाल ही में एक पुराने पेड़ के गिरने से बाइक सवार की मौत हो गई थी और एक महिला घायल हो गई थी।
हुमायूं का मकबरा – ऐतिहासिक धरोहर
हुमायूं का मकबरा मुगल काल का पहला भव्य मकबरा है, जिसे 1565-1572 के बीच हुमायूं की पत्नी हाजी बेगम ने बनवाया था। यह मकबरा अपनी भव्यता और स्थापत्य कला के लिए मशहूर है और इसे देखकर ही ताजमहल जैसे अन्य स्मारकों का निर्माण प्रेरित हुआ।
लाल बलुआ पत्थर और सफेद संगमरमर से बनी यह संरचना समय-समय पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण और आगा खान ट्रस्ट द्वारा पुनर्निर्मित व संरक्षित की गई है।
स्पष्ट किया गया है कि इस हादसे में मकबरा को कोई नुकसान नहीं पहुंचा, बल्कि परिसर में मौजूद एक कमरे की छत गिरी है।






