भोपालः बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, जिन्हें बाबा बागेश्वर के नाम से भी जाना जाता है, ने संत प्रेमानंद जी महाराज का खुला समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि इस देश में सत्य बोलना सबसे कठिन काम है और प्रेमानंद जी का विरोध करना यह दर्शाता है कि कुछ लोगों को “पेट की बीमारी” है।
विरोधियों पर तीखा तंज
बाबा बागेश्वर ने प्रेमानंद जी के विरोध करने वालों पर कटाक्ष करते हुए कहा, “कुछ लोगों को तो खुजली होती ही है। हमारा विरोध करना ठीक है, लेकिन महात्मा प्रेमानंद जी, जो उपदेशक और भजन प्रेमी हैं, उनका विरोध करना यह साबित करता है कि कई लोगों को पेट की बीमारी है। इस देश में सच बोलना कठिन है, और यह भी सच है कि हर स्त्री या व्यक्ति बुरा नहीं होता। जो सनातन को मानते हैं, उन्हें हम अच्छे लगते हैं, लेकिन जो नहीं मानते, उन्हें हम दुश्मन नजर आते हैं। जिनसे हम मिलते हैं, वे कहते हैं महाराज बहुत अच्छे हैं, और जिनसे नहीं मिलते, वे 600 गालियां देते हैं।”
“हम बिना लाग-लपेट के बोलते हैं”
बाबा बागेश्वर ने कहा, “कुछ लोगों को सिर्फ हमसे दिक्कत है, क्योंकि हम सीधे-सपाट सच बोलते हैं। पहले लोग डर-डर कर हिंदू कहते थे, लेकिन हम मंच से गर्व से कहते हैं कि हम हिंदुत्ववादी हैं, नफरत नहीं बल्कि प्रेम के आदमी हैं।”
“हवस का पुजारी ही क्यों, मौलवी या पादरी भी हो सकता है”
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने आगे कहा कि कुछ नेता जातिवाद के नाम पर राजनीति करते हैं, लेकिन वे स्वयं जातिवाद के खिलाफ और राष्ट्रवाद के पक्ष में हैं। उन्होंने कहा, “अगर देश में हवस का पुजारी हो सकता है, तो हवस का मौलवी या हवस का पादरी भी हो सकता है। यही बातें लोगों को बुरी लगती हैं।”
प्रेमानंद महाराज का ट्रोलर्स को जवाब
इसी बीच, संत प्रेमानंद महाराज ने भी अपने आलोचकों को जवाब दिया। उन्होंने सत्संग में कहा, “बुरे आचरण वाले लोगों को प्रवचन पसंद नहीं आते। जैसे नाली का कीड़ा नाली में ही अच्छा लगता है, अगर उसे अमृत कुंड में डाल दोगे तो उसे अच्छा नहीं लगेगा।”






