नई दिल्ली: 79वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान, आतंकवाद, घुसपैठ, अर्थव्यवस्था, रोजगार, किसानों और स्वदेशी उत्पादों के महत्व जैसे कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने बिना नाम लिए पाकिस्तान और अमेरिका को सख्त संदेश दिया, घुसपैठ रोकने का संकल्प दोहराया और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में 140 करोड़ देशवासियों को एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया।
राष्ट्रीय सुरक्षा पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले 10 वर्षों में, यानी 2035 तक, देश के सभी महत्वपूर्ण स्थलों—चाहे वे सामरिक हों या नागरिक—जैसे अस्पताल, रेलवे स्टेशन, और आस्था के केंद्र—को अत्याधुनिक तकनीकी सुरक्षा कवच से लैस किया जाएगा।
‘उच्च-शक्ति जनसांख्यिकी मिशन’ की शुरुआत
मोदी ने चेतावनी दी कि एक सोची-समझी साजिश के तहत सीमावर्ती इलाकों में जनसांख्यिकी बदली जा रही है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा है। उन्होंने कहा कि घुसपैठिए युवाओं की रोजी-रोटी छीन रहे हैं, बहनों-बेटियों को निशाना बना रहे हैं और आदिवासियों की जमीन हड़प रहे हैं। इसे रोकने के लिए ‘उच्च-शक्ति जनसांख्यिकी मिशन’ शुरू किया जा रहा है।
रोजगार योजना का ऐलान
उन्होंने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना की शुरुआत की घोषणा की। एक लाख करोड़ रुपये के बजट वाली यह योजना निजी क्षेत्र में पहली नौकरी पाने वाले युवाओं को 15,000 रुपये देगी। इसके साथ ही नौकरी देने वाली कंपनियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
आरएसएस को लाल किले से श्रद्धांजलि
आरएसएस के 100 साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री ने कहा कि यह दुनिया का सबसे बड़ा गैर सरकारी संगठन है, जिसने ‘व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण’ का संकल्प लेकर लाखों स्वयंसेवकों को मातृभूमि की सेवा में समर्पित किया है।
गरीबी उन्मूलन पर उपलब्धियां
मोदी ने कहा कि देश के 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर निकल चुके हैं। उन्होंने दोहराया कि “गरीबी हटाओ” अब नारा नहीं, बल्कि धरातल पर साकार हुआ लक्ष्य है।
किसानों और पशुपालकों के हित
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसानों, मछुआरों और पशुपालकों के हितों के खिलाफ किसी भी नीति के सामने वे “दीवार” बनकर खड़े रहेंगे। उन्होंने अनाज और मछली उत्पादन में भारत की वैश्विक रैंकिंग का उल्लेख किया और कृषि क्षेत्र की नई उपलब्धियों पर गर्व जताया।
आर्थिक आत्मनिर्भरता और स्वदेशी पर बल
मोदी ने कहा कि हमें स्वदेशी मजबूरी में नहीं, बल्कि मजबूती से अपनाना होगा और जरूरत पड़ने पर दूसरों को भी अपनाने के लिए मजबूर करना होगा। उन्होंने ‘वोकल फॉर लोकल’ को समृद्ध भारत का मंत्र बताया।
जीएसटी रिफॉर्म और दिवाली का तोहफा
पिछले आठ वर्षों में जीएसटी सुधारों का जिक्र करते हुए उन्होंने नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी रिफॉर्म लाने की घोषणा की, जिससे आम जरूरत की चीजों पर टैक्स घटेंगे और दाम कम होंगे।
विज्ञान, तकनीक और रक्षा में आत्मनिर्भरता
प्रधानमंत्री ने गगनयान मिशन, भारतीय स्पेस स्टेशन की योजना, मेड इन इंडिया जेट इंजन और सेमीकंडक्टर चिप्स के निर्माण की दिशा में हो रही प्रगति पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस साल के अंत तक भारतीय निर्मित चिप्स बाजार में होंगी।
आतंकवाद और ऑपरेशन सिंदूर
आतंकी हमलों का जिक्र करते हुए मोदी ने बताया कि पहलगाम की घटना के बाद ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने दुश्मन की धरती पर घुसकर आतंकी ठिकानों को तबाह किया। उन्होंने दोहराया कि आतंक और उसके समर्थकों को अब अलग-अलग नहीं माना जाएगा।
2047 का लक्ष्य और युवाओं से आह्वान
प्रधानमंत्री ने युवाओं से इनोवेटिव आइडिया लाने का आग्रह किया और कहा कि 2047 तक विकसित भारत बनाने के लिए हर पल का उपयोग जरूरी है। उन्होंने 50 साल पहले लगे आपातकाल को संविधान की हत्या बताया और चेताया कि ऐसी घटनाओं को देश कभी नहीं भूलेगा।
यह भाषण न केवल सुरक्षा और विकास की दिशा में ठोस योजनाओं का रोडमैप प्रस्तुत करता है, बल्कि इसमें राष्ट्रीय स्वाभिमान, आत्मनिर्भरता और जनभागीदारी का स्पष्ट संदेश भी है।






