राहुल गांधी के GenZ प्लान पर राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर लिखा कि देश के युवा, छात्र और GenZ संविधान को बचाएंगे, लोकतंत्र की रक्षा करेंगे और वोट चोरी रोकेंगे। उन्होंने कहा कि वह उनके साथ खड़े हैं। इसके साथ राहुल गांधी ने अपनी तस्वीर साझा की, जिस पर लिखा था— लोकतंत्र कभी डिलीट नहीं हो सकता। इस बयान के बाद बीजेपी ने तीखा हमला बोला और राहुल को भारतीय लोकतंत्र के लिए “खतरनाक” करार दिया।
बीजेपी का पलटवार
बीजेपी नेताओं का आरोप है कि राहुल गांधी देश में अराजकता फैलाना चाहते हैं। उनका मकसद भारत को उसी हालात में धकेलना है, जैसे श्रीलंका और बांग्लादेश में हुआ। पार्टी ने नेपाल की हालिया GenZ आंदोलन का हवाला देते हुए कहा कि राहुल चाहते हैं कि भारत में भी वैसा ही परिदृश्य बने।
बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने तो राहुल गांधी को “भारतीय लोकतंत्र के लिए खतरा” बताते हुए कहा कि राहुल यह सब “घुसपैठिया बचाओ अभियान” के तहत कर रहे हैं। उन्होंने राहुल को “एंटी इंडिया फोर्सेज का पोस्टर बॉय” करार दिया।
नेपाल की GenZ क्रांति से जोड़कर हमला
बीजेपी ने राहुल के बयान को नेपाल की GenZ क्रांति से जोड़ा। नेपाल में 8 सितंबर को GenZ और छात्र सड़कों पर उतर आए थे। संसद भवन से सुप्रीम कोर्ट तक को आग के हवाले कर दिया गया। यहां तक कि राष्ट्रपति भवन और मंत्रियों के घरों को भी जला दिया गया। बीजेपी का कहना है कि राहुल गांधी चाहते हैं कि भारत में भी वैसा ही तख्तापलट हो।
अमित शाह का जवाब
राहुल गांधी जहां वोट चोरी का मुद्दा उठाकर युवाओं को लामबंद करने में जुटे हैं, वहीं गृहमंत्री अमित शाह ने उन पर सीधा हमला बोला। शाह ने कहा कि राहुल गांधी की बिहार में निकाली गई “वोट अधिकार यात्रा” दरअसल बांग्लादेशी घुसपैठियों को बचाने की कवायद थी। उन्होंने कहा— कांग्रेस का वोटबैंक घुसपैठिए हैं, लेकिन बीजेपी किसी भी हालत में बिहार के लोगों के अधिकारों पर डाका नहीं डालने देगी।
तेजस्वी पर भी वार
अमित शाह ने लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब घुसपैठियों का नाम वोटर लिस्ट से हटता है, तो लालू यादव बेचैन हो जाते हैं। शाह ने कहा कि अगर बिहार को घुसपैठियों से मुक्त कराना है, तो जनता को इतना बड़ा जनादेश देना होगा कि तेजस्वी अगली बार चुनाव लड़ने की हिम्मत न कर सकें।






