शिलांग
शिलांग मेघालय की राजधानी है, जो अपने सुंदर मौसम, झीलों, पार्कों और औपनिवेशिक वास्तुकला के कारण प्रसिद्ध है।
चेरापूंजी (सोहरा)
चेरापूंजी को दुनिया के सबसे ज्यादा वर्षा वाले स्थानों में गिना जाता है, यहाँ झरने, गुफाएँ और प्राकृतिक पुल आकर्षण का केंद्र हैं।
डबल डेकर लिविंग रूट ब्रिज
यह जीवित वृक्ष की जड़ों से बना उल्लेखनीय पुल है, जो मेघालय की सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत का अद्भुत उदाहरण है।
नोहकलिकाई जलप्रपात
यह भारत का सबसे ऊँचा झरना है, जो स्तब्ध कर देने वाली प्राकृतिक छटा और फोटो ग्राफी के लिए प्रसिद्ध है।
उमियम झील
यह एक विशाल कृत्रिम झील है, जो शांत जलराशि, बोटिंग और पिकनिक के लिए उपयुक्त स्थान है।
मावलिननोंग गाँव
एशिया का सबसे स्वच्छ गाँव कहलाता है, यहाँ प्राकृतिक सुंदरता और ग्रामीण जीवन का अद्भुत मिश्रण देखने को मिलता है।
दावकी एवं उमंगोट नदी
भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्थित, अपनी क्रिस्टल क्लियर नदी और नाव विहार के लिए प्रसिद्ध है।
लैतलुम कैन्यन
‘पहाड़ियों का अंत’ कहे जाने वाले इस स्थान से घाटियों और मेघालय के भव्य परिदृश्य का अवलोकन किया जा सकता है।
क्रैंग शुरी जलप्रपात
नीले हरे पानी वाला यह झरना बहुत ही मनोहर और तैराकी व पिकनिक के लिए आदर्श है।
सात बहनें जलप्रपात (सेवन सिस्टर्स फॉल्स)
चेरापूंजी में स्थित यह झरना सात जलधाराओं में गिरता है, जो बारिश के मौसम में बेहद आकर्षक लगता है।
मौसिनराम
यह विश्व का सबसे अधिक वर्षा पाने वाला स्थान है, और यहाँ की हरियाली और गुफाएँ प्रमुख आकर्षण हैं।
मॉसमाई गुफाएँ
यह प्राकृतिक चूना पत्थर की गुफाएँ हैं, जो रोमांच प्रेमियों के बीच बहुत लोकप्रिय हैं।
मावफ्लांग सेक्रेड फॉरेस्ट
यह प्राचीन पवित्र जंगल स्थानीय खान-सरंक्षण और जैव विविधता के लिए जाना जाता है।
वॉर्ड्स लेक
शिलांग के बीचों-बीच स्थित आकर्षक झील, नाव विहार और टहलने के लिए उपयुक्त स्थल है।
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