राजा-सोनम मर्डर केस में इंदौर और शिलांग पुलिस की संयुक्त कार्रवाई जारी थी। राजा रघुवंशी, जो शादी के बाद हनीमून मनाने मेघालय गए थे, वहां उनकी हत्या कर दी गई। चौंकाने वाली बात यह है कि इस हत्या की साजिश उनकी पत्नी सोनम ने ही रची थी। सोमवार सुबह सोनम को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से गिरफ्तार किया गया।
राजा रघुवंशी मर्डर केस: सामने आए सभी आरोपी, खुला मास्टरमाइंड का राज
राजा रघुवंशी की हत्या में शामिल चार अन्य आरोपियों को मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया गया है। सभी के नाम अब सामने आ चुके हैं। इन आरोपियों में विक्की ठाकुर, आनंद, राज कुशवाहा और विशाल चौहान शामिल हैं। इनमें से विशाल चौहान को सोमवार दोपहर गिरफ्तार किया गया।
राज कुशवाहा निकला हत्या का मास्टरमाइंड
पुलिस जांच में सामने आया है कि राजा रघुवंशी पर पहला हमला आनंद ने किया था। इस खौफनाक साजिश का मास्टरमाइंड राज कुशवाहा है, जो लगातार सोनम के संपर्क में था और उसी के इशारे पर पूरी योजना को अंजाम दिया गया।
सोनम की गिरफ्तारी में अहम भूमिका निभाई इंदौर क्राइम ब्रांच ने
कॉल डिटेल्स के आधार पर पुलिस ने राज कुशवाहा को पकड़ा और उसकी जानकारी से ही मामले की कड़ियां जुड़ती गईं। इंदौर क्राइम ब्रांच द्वारा गाजीपुर पुलिस को दिए गए इनपुट के आधार पर सोमवार सुबह सोनम को गाजीपुर के एक ढाबे से गिरफ्तार किया गया।
इंदौर और शिलांग पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
एडिशनल एसपी, क्राइम ब्रांच राजेश दंडोतिया ने जानकारी दी कि राजा रघुवंशी और सोनम जब मेघालय में लापता हुए, तभी से इंदौर और शिलांग पुलिस लगातार संपर्क में थीं। तलाशी अभियान के दौरान 2 जून को राजा रघुवंशी का शव बरामद हुआ था। मामले में सौरा थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी।
देर रात भाई को किया सोनम ने फोन, इंदौर से चार आरोपी गिरफ्तार
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सोनम की तलाश लगातार जारी थी और इस मामले में डीजीपी भी व्यक्तिगत रूप से नजर बनाए हुए थे। देर रात सोनम ने अपने भाई को फोन किया, जिससे उसकी लोकेशन का पता चला। इसके बाद मेघालय और इंदौर पुलिस ने मिलकर संयुक्त ऑपरेशन चलाया और सोनम सहित चार आरोपियों को इंदौर से गिरफ्तार कर लिया गया।
शिलांग पुलिस करेगी आगे की कानूनी कार्रवाई
अब इस मामले की पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया शिलांग पुलिस द्वारा की जा रही है। एक आरोपी अब भी फरार है, जिसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। क्राइम ब्रांच के एडिशनल एसपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि कानूनी कार्रवाई पूरी तरह से मेघालय पुलिस के अधीन है और पूछताछ के बाद ही सभी तथ्य सामने आएंगे।






