कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में शिवाजीनगर मेट्रो स्टेशन का नाम ‘सेंट मैरी’ रखने के प्रस्ताव ने विवाद खड़ा कर दिया है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के इस आश्वासन के बाद लोगों ने नाराज़गी जताते हुए सवाल उठाया कि स्टेशन का नाम दिवंगत कन्नड़ अभिनेता और निर्देशक शंकर नाग के नाम पर क्यों नहीं रखा जा सकता। सोशल मीडिया पर यह मुद्दा तेजी से चर्चा का विषय बना हुआ है।
विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
The Indian Express की रिपोर्ट के अनुसार, बहस की शुरुआत उस वक्त हुई जब सीएम सिद्धारमैया ने सोमवार को सेंट मैरी बेसिलिका में वार्षिक भोज के दौरान आर्कबिशप पीटर मचाडो को भरोसा दिलाया कि सरकार आगामी पिंक लाइन मेट्रो स्टेशन का नाम सेंट मैरी पर रखने पर विचार करेगी। इसी दौरान सीएम ने बेसिलिका के जीर्णोद्धार के लिए आर्थिक सहयोग का भी ऐलान किया। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाएगा और निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाया जाएगा।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं
X (पूर्व ट्विटर) पर लोगों ने इस फैसले पर नाराज़गी जाहिर की। एक यूजर ने लिखा—
“यह बेहद निराशाजनक है। कर्नाटक सरकार स्टेशन का नाम सेंट मैरी क्यों रखना चाहती है? इसका नाम शंकर नाग जैसे कन्नड़ संस्कृति से जुड़े व्यक्तियों के नाम पर होना चाहिए।”
दूसरे यूजर ने टिप्पणी की—
“कर्नाटक के कई महान हस्तियों ने हमारी भाषा और संस्कृति के लिए अमूल्य योगदान दिया है। फिर उनके नाम की बजाय सेंट मैरी का नाम क्यों?”
विधायक का पक्ष
शिवाजीनगर के विधायक रिज़वान अरशद ने The Indian Express से बातचीत में कहा—
“मैं औपचारिक तौर पर स्टेशन का नाम ‘शिवाजीनगर सेंट मैरी’ रखने का प्रस्ताव कर रहा हूं। यह नाम ऐतिहासिक और प्रतिष्ठित सेंट मैरी बेसिलिका के सम्मान में होगा, जो शिवाजीनगर बस डिपो के पास स्थित है। इससे यात्रियों को भी किसी तरह का भ्रम नहीं होगा।”
उन्होंने आगे कहा कि,
“कई अन्य नए स्टेशन जल्द बनेंगे, जिनमें से किसी का नाम शंकर नाग के नाम पर रखा जा सकता है।”






