कार के फ्यूल टैंक में पेट्रोल या डीज़ल के साथ फ्यूल एडिटिव (Fuel Additive) डालने से क्या-क्या फायदे होते हैं। इसमें
फ्यूल एडिटिव क्या होता है
फ्यूल एडिटिव एक विशेष केमिकल लिक्विड होता है, जिसे पेट्रोल या डीज़ल टैंक में मिलाया जाता है ताकि फ्यूल सिस्टम साफ, स्मूद और सुरक्षित तरीके से काम करे।
पेट्रोल और डीज़ल दोनों कारों में फ्यूल एडिटिव डालने के फायदे
1. इंजन के अंदर की गंदगी साफ करता है
फ्यूल लाइन
फ्यूल इंजेक्टर
कम्बशन चैम्बर
इन जगहों पर जमी कार्बन और मैल धीरे-धीरे हटाता है।
2. माइलेज बेहतर होता है
फ्यूल का सही स्प्रे होता है
जलन (combustion) पूरी होती है
वही फ्यूल ज़्यादा दूरी तय करता है
मतलब कम फ्यूल में ज़्यादा चलना।
3. इंजन स्मूद और शांत चलता है
झटके कम होते हैं
वाइब्रेशन घटता है
आइडलिंग (खड़ी गाड़ी में इंजन चलना) बेहतर हो जाती है
पुरानी कार में यह फर्क ज़्यादा महसूस होता है।
4. स्टार्टिंग में सुधार होता है
ठंडे मौसम में आसान स्टार्ट
सुबह पहली क्रैंक में इंजन ऑन
डीज़ल कार में हार्ड स्टार्ट की समस्या कम
5. धुआँ और प्रदूषण कम करता है
काला धुआँ घटता है
एग्जॉस्ट साफ होता है
इंजन ज़्यादा “क्लीन बर्न” करता है
यह PUC टेस्ट पास करने में मददगार होता है।
6. फ्यूल इंजेक्टर की उम्र बढ़ाता है
जाम होने से बचाता है
इंजेक्टर रिपेयर/रिप्लेसमेंट का खर्च टलता है
खासतौर पर कॉमन रेल डीज़ल इंजनों के लिए फायदेमंद।
7. नॉकिंग और पिंगिंग की समस्या कम करता है
पेट्रोल कार में नॉकिंग
डीज़ल कार में खड़खड़ाहट
इंजन पर अनावश्यक दबाव नहीं पड़ता।
8. पावर और एक्सीलरेशन में सुधार
थ्रॉटल रिस्पॉन्स बेहतर
ओवरटेक करते समय इंजन खुलकर सांस लेता है
गाड़ी भारी महसूस नहीं होती
9. इंजन ऑयल जल्दी खराब नहीं होता
साफ combustion के कारण
ऑयल में कार्बन कम मिलता है
ऑयल की लाइफ थोड़ी बढ़ जाती है
10. लंबे समय में मेंटेनेंस खर्च घटाता है
कम इंजेक्टर क्लीनिंग
कम सेंसर प्रॉब्लम
इंजन हेल्थ बनी रहती है
11. पुरानी कारों के लिए ज़्यादा फायदेमंद
40,000–50,000 किमी चली कार
सिटी ड्राइव ज़्यादा करने वाली कार
जिनमें पिक-अप कम हो गया हो
12. फ्यूल की क्वालिटी के असर को बैलेंस करता है
हर जगह फ्यूल क्वालिटी एक जैसी नहीं होती
एडिटिव फ्यूल को “स्टेबल” बनाता है
ध्यान रखने योग्य बात (सिर्फ जानकारी के लिए)
जरूरत से ज़्यादा बार डालना जरूरी नहीं
सही मात्रा और सही समय पर डालने से ही फायदा मिलता है
अगर आप चाहें तो मैं यह भी बता सकता हूँ:
कितने किलोमीटर में एडिटिव डालना सही है
नई कार और पुरानी कार में
डीज़ल, पेट्रोल और CNG कार में अलग-अलग कार का नाम पेट्रोल है या डीजल है मॉडल भी आपको बताना है






