Daily panchang,साधुज़ी के आगमन पर स्वागत कैसे करें
🌤️ दिनांक – 05 जून 2026
🌤️ दिन – शुक्रवार
🌤️ विक्रम संवत 2083
🌤️ शक संवत -1948
🌤️ अयन – उत्तरायण
🌤️ ऋतु – ग्रीष्म ॠतु
🌤️ मास – अधिक ज्येष्ठ
🌤️ पक्ष – कृष्ण
🌤️ तिथि – पंचमी 06 जून रात्रि 01:20 तक तत्पश्चात षष्ठी
🌤️ नक्षत्र – श्रवण पूर्ण रात्रि तक
🌤️ योग – ब्रह्म सुबह 09:43 तक तत्पश्चात इन्द्र
🌤️*राहुकाल – सुबह 10:57 से दोपहर 12:37 तक*
🌤️ सूर्योदय – 05:57
🌤️ सूर्यास्त – 07:17
दिशाशूल – पश्चिम दिशा मे
साधुज़ी के आगमन पर स्वागत कैसे करें आओ जानें
1. पैर पखारना: साधु के पैर धोने के लिए पानी और एक साफ कपड़ा तैयार रखें।
2. आचमन: साधु को आचमन (पानी पीने) के लिए पानी दें।
3. तिलक लगाना: साधु के माथे पर तिलक लगाएं।
4. पुष्प अर्पण: साधु को पुष्प अर्पण करें।
5. भोजन: साधु को भोजन के लिए आमंत्रित करें और उनके लिए शुद्ध शाकाहारी भोजन तैयार करें।
साधु के साथ बैठने के नियम
1. नम्रता से बैठें: साधु के सामने कुर्सी या उनसे ऊँचे स्थान पर मत बैठें और नम्रता से बैठें।
2. नज़रें नीचे रखें: साधु के चेहरे पर नज़रें न रखें, बल्कि नीचे देखें।
3. शांत रहें: साधु के साथ बातचीत करते समय शांत और संयमित रहें।
4. आध्यात्मिक बातें: साधु से आध्यात्मिक बातें करें और उनके अनुभवों से सीखें।
साधु के जाने के बाद
1. पैर पखारना: साधु के पैर फिर से धोएं।
2. दक्षिणा: साधु को दक्षिणा दें (यदि आप देना चाहते हैं)।
3. प्रसाद: साधु से प्रसाद लें और उसे अपने परिवार के साथ बांटें।
बस,इतना ही! साधु-संतों का स्वागत करने से आपको आध्यात्मिक लाभ होता है और आपके घर में शांति और सुख आता है।
साधू साधना करता और संत दिखावा, घर में से कोई एक साधू बनजाए तो अपनी सात पीड़ियों का उद्धार कर देते हैं,साधू साधना करते हैं,और संत दिखावा करते हैं।
साधू जंगलों में रहकर भगवान की साधना करते हैं,वो अपने लिए कोई महल नहीं बनाते झोपडी में रहकर भिक्षा मांगकर पेट भरते हैं,उनको कुछ नहीं चाहिए,उनका उद्देश्य सिर्फ संसार के सभी जीवों की सुख समृद्धि के लिए साधना करना होता है।



