E85 एक फ्लेक्स-फ्यूल (Flex Fuel) ईंधन है जिसमें लगभग 85% एथेनॉल (Ethyl Alcohol) और 15% पेट्रोल होता है। “E” का मतलब Ethanol और “85” मतलब उसका प्रतिशत।
E85 कैसे बनता है?
एथेनॉल आमतौर पर फसलों से बनाया जाता है:
Sugarcane
मक्का (Corn)
कुछ जगह अनाज और बायोमास से
फिर इसे पेट्रोल में मिलाया जाता है।
माइलेज कम मिल सकता है
एथेनॉल में ऊर्जा पेट्रोल से कम होती है
कई मामलों में E85 पर 15–30% तक माइलेज घट सकता है
हर कार में नहीं चल सकता
केवल Flex Fuel Vehicle (FFV) या संगत सिस्टम वाली कार
ठंडे मौसम में स्टार्टिंग चुनौतीपूर्ण हो सकती है
कुछ पुराने रबर/फ्यूल पार्ट्स पर असर पड़ सकता है यदि वाहन E85 के लिए डिज़ाइन न हो।
क्या भारत की सामान्य पेट्रोल कार में E85 डाल सकते हैं?
नहीं।
अगर आपकी कार E85 के लिए अनुमोदित नहीं है तो:
Check Engine Light आ सकती है
माइलेज खराब हो सकता है
फ्यूल सिस्टम पर असर पड़ सकता है
भारत में अभी ज़्यादातर सामान्य पेट्रोल गाड़ियाँ E20 (20% एथेनॉल मिश्रण) के हिसाब से डिज़ाइन की जा रही हैं, E85 नहीं।
एक रोचक तथ्य
E85 की गंध सामान्य पेट्रोल से थोड़ी अलग और कुछ लोगों को हल्की “मीठी/अल्कोहल जैसी” लग सकती है।



