वो गरीब थीं
दूसरों के घरों में बर्तन मांजने का काम करती थीं
पर उस गरीबी में भी इतनी स्वाभिमानी और सच्ची कि जब प्रधानमंत्री आवास योजना में उनका नाम आया….
उन्होने घर नहीं लिया…
कहा “छोटा सही मेरे पास पर घर है…
पहले उनको दो जिनके पास नहीं है”..
#कलिता_मांझी तब कोई राजनेता नहीं थीं, न उन्होंने ऐसा कभी सपना देखा था…
हाँ पर उन्होंने ममता के अत्याचारों पर आवाज उठाई….
उनकी इसी हिम्मत ने उन्हें विधानसभा प्रत्याशी बनाया और वे जीत दर्ज कर विधायक बन गयीं…
चुनाव परिणाम वाले दिन तक वो अपना काम करती रहीं…
जिस कलिता मांझी न कल PM आवास लेने से इनकार किया था…
आज वही इसी विभाग की बंगाल में राज्यमंत्री हैं…
भाजपा हीरे परखना जानती है…
सच में!!!



