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ISRO वैज्ञानिक से अरबों की स्पेस कंपनी तक: पवन चंदाना की प्रेरणादायक सफलता की कहानी

हैदराबाद के पवन कुमार चंदाना को कभी स्कूल में गणित में केवल 51 अंक मिले थे। हालांकि, बाद में उन्होंने IIT खड़गपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में BTech-MTech की डिग्री हासिल की। 2012 में वे बतौर वैज्ञानिक ISRO में शामिल हुए और 6 वर्षों तक GSLV Mk-III और SSLV जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स पर काम किया।

2018 में उन्होंने ISRO छोड़ दिया और नागा भरत डाका के साथ मिलकर ‘स्काईरूट एयरोस्पेस’ (Skyroot Aerospace) की स्थापना की। 18 नवंबर 2022 को उनकी कंपनी ने भारत का पहला प्राइवेट रॉकेट ‘विक्रम-S’ लॉन्च किया, जो 90 किमी की ऊंचाई तक पहुंचा। इस मिशन को ‘प्रारंभ’ नाम दिया गया था।

आज स्काईरूट एयरोस्पेस भारत की सबसे बड़ी निजी रॉकेट निर्माण फैक्ट्री बन चुकी है, जिसमें लगभग 1,000 कर्मचारी काम करते हैं। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कंपनी की नई अत्याधुनिक फैक्ट्री का उद्घाटन किया था। 51 मिलियन डॉलर की सबसे बड़ी डीप-टेक फंडिंग प्राप्त करने के बाद, अब यह कंपनी अपने अगले ऑर्बिटल लॉन्च मिशन ‘विक्रम-1’ की तैयारी कर रही है।

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Author: sssrknews

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