Home » ताजा खबर » बिहार कोचिंग फायरिंग मामला: खान सर को अदालत से राहत, कार्रवाई पर लगी रोक

बिहार कोचिंग फायरिंग मामला: खान सर को अदालत से राहत, कार्रवाई पर लगी रोक

कोचिंग फायरिंग केस में खान सर को बड़ी राहत, अगली सुनवाई तक गिरफ्तारी से संरक्षण

पटना: बिहार के चर्चित शिक्षक फैजल खान उर्फ खान सर को कोचिंग फायरिंग मामले में बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उनके खिलाफ बल प्रयोग और किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई पर रोक बरकरार रखते हुए अंतरिम संरक्षण (इंटरिम प्रोटेक्शन) को अगली सुनवाई तक बढ़ा दिया है। मामले की जांच से जुड़ी केस डायरी भी पुलिस द्वारा कोर्ट में पेश कर दी गई है।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि अगली तारीख तक खान सर को अंतरिम राहत मिलती रहेगी। इससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी या उनके खिलाफ किसी कठोर कार्रवाई की संभावना टल गई है।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, 2 जून की रात पटना स्थित खान सर की कोचिंग के बाहर हंगामे की घटना सामने आई थी। उस समय खान सर ने दावा किया था कि उनकी कोचिंग के बाहर फायरिंग हुई और विरोधी कोचिंग माफिया या असामाजिक तत्वों ने तोड़फोड़ की है। हालांकि बाद में विवाद बढ़ने पर उन्होंने अपने बयान में बदलाव किया था।

घटना के बाद ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई थी। इसके बाद मामले की आंच खान सर तक भी पहुंची और उनके खिलाफ कार्रवाई की चर्चा तेज हो गई।

मामला उस समय और संवेदनशील हो गया जब रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की नेपाल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, खान सर के साथ विवाद से जुड़े इस मामले में प्रिंस यादव के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई गई थी।

प्रिंस यादव की मौत पर क्या बोले थे खान सर?

प्रिंस यादव की मौत के बाद खान सर ने एक वीडियो जारी कर शोक व्यक्त किया था। उन्होंने कहा था कि यह किसी साजिश का हिस्सा भी हो सकता है और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। खान सर ने सवाल उठाया था कि घटना के समय प्रिंस यादव के साथ मौजूद पांच लोग कौन थे।

उन्होंने अपने वीडियो संदेश में कहा था कि पीड़ित परिवार की हर संभव मदद के लिए वह तैयार हैं और जो भी सहयोग उनसे मांगा जाएगा, वह करेंगे। खान सर ने यह भी कहा था कि शुरुआत में यह मामला केवल गार्डों के बीच विवाद का था, लेकिन बाद में परिस्थितियां काफी बदल गईं।

कौन हैं खान सर?

फैजल खान उर्फ खान सर बिहार के सबसे लोकप्रिय शिक्षकों में गिने जाते हैं। वे ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से लाखों छात्रों को पढ़ाते हैं। अपने सरल और अनोखे पढ़ाने के अंदाज के कारण उन्होंने देशभर में पहचान बनाई है। शिक्षा को सुलभ बनाने और गरीब छात्रों की मदद करने के लिए भी वे अक्सर चर्चा में रहते हैं।

sssrknews
Author: sssrknews

इस खबर पर अपनी प्रतिक्रिया जारी करें

Leave a Comment

Share This

Recent Post