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हजारों साल पहले शास्त्रों में लिखा कलियुग का वर्णन, क्या अब दिख रहे हैं उसके संकेत?

कितना सटीक लिख दिया गया था हमारे शास्त्रों में कलियुग के वर्णन में !
कलियुग में लोगों की आयु घटते घटते मात्र 16 वर्ष रह जायेगी !!
शतायु तो स्वप्न समान हो जाएगा !

इतनी मिलावटी और जहरीले भोज्य पदार्थ खा खा कर , असंयमित जीवन शैली , खान पान , कहीं भी किसी का बनाया खा लेना , यह जाने बिना कि अमुक व्यक्ति किस गुण ( सात्विक , राजसिक , तामसिक ) भावना प्रधान का है , किस धन से कमाए हुए अन्र का प्नयोग कर रहा है इत्यादि का ध्यान विचार किये बिना आज कौन सी आयु पर आ गये हैं यह सबको पता है !

कलियुग में लोग पहाड़ों पर बसने लग जायेंगे !

आज जब सुनता हूँ कि मसूरी और पहाड़ों पर आठ आठ घंटे का जाम लगता है और तेजी से रिहायशी कॉलोनी का विकास हो रहा है , तो साष्टांग प्रणाम करता हूँ अपने शास्त्रों को !
इन्होने कैसे हज़ारों वर्षों पूर्व इतना सटीक लिख दिया कि पृथ्वी का तापमान इतना बढ़ जाएगा , इतना प्रदुषण हो जाएगा कि आदमी पहाड़ों पर बसने लगेगा !

कलियुग में आकाश धूमिल हो जाएगा , आकाश से पहले तारे नक्षत्र और फिर धीरे धीरे चन्द्रमा भी गायब हो जाएगा !

हमारे ऋषियों या पुरातन वैज्ञानिकों को यह पता था कि कलियुग में मनुष्य भौतिकता में इतना अँधा हो जाएगा कि अपनी ही जननी प्रकृति को नहीं छोड़ेगा ! इतना प्रदुषण कर देगा कि आसमान में तारे दिखना बंद हो जायेंगे , और फिर एक दिन चन्द्रमा और सूर्य भी दिखना बंद हो जाएगा !

कई लोग हंस रहे होंगे कि भला चन्द्रमा और सूरज क्यों नहीं दिखेंगे !!!
हम लोग भी जब बच्चे थे तो यह पढ़कर हँसते थे भला तारे क्यों गायब हो जायेंगे , पर आज सब कुछ साक्षात् हो रहा है !

कलियुग में ब्राह्मणों और सत्पुरुषों की दुर्गति होगी , उनका कोई सम्मान नहीं करेगा ! लोग उनसे अधम कार्य करायेंगे और सभी लोग अपने गुण और धर्म के विपरीत कार्य करेंगे ! ब्राह्मण अपना ब्राह्मणत्व , क्षत्रिय अपना क्षात्र धर्म और इसी तरह अन्य वर्ण अपने अपने धर्म से च्युत हो जायेंगे !

कलियुग में नदियों का प्रवाह रोका जाएगा और सभी नदियाँ मलिन होकर मृत हो जायँगी !

इसका प्रमाण आप सब लोग देख ही रहे हैं कि किस तरह नदियों को बाँध बनाकर उनके प्राकृतिक प्रवाह को अवरुद्ध किया जा रहा है ! आज साड़ी नदियाँ प्रदूषित हो चुकी हैं , वह समय भी जल्दी ही आएगा जब सभी नदियों का अस्तित्व ख़त्म हो जाएगा !

गौ , गंगा और ब्राह्मण पर सबसे अधिक अत्याचार होंगे !!

कलियुग में समुद्र अपना तट तोड़कर बहेगा !
आप सभी जानते हैं Glaciers के पिघलने का दौर और समुद्र प्रति वर्ष बढ़ने वाली जलीय सतह और प्रायः आने वाले Tsunami इत्यादि जैसे प्रकोप !

कलियुग में सभी की अकाल मृत्यु होगी और कोई अपनी आयु पूरी नहीं कर पायेगा !
आप सभी जानते हैं इतनी बीमारियाँ और एक्सीडेंट इत्यादि से कोई अपनी आयु सम्पूर्ण जी ही नहीं पा रहा है !

कलियुग में मात्र भौतिक उन्नति पर लोग ध्यान देंगे और आत्मिक या अध्यात्मिक उन्नति पर किसी का ध्यान नहीं रहेगा !
आज सभी अपने आप को शरीर मानकर कार्य कर रहे हैं और निरंतर उसके सुख के लिए प्रयत्नरत हैं ! कोई विरला ही होगा जिसे यह पता होगा कि वह शरीर नहीं बल्कि आत्मा है और उसी के विकास के लिए लगा हो !

ढोंगी साधू संतों की भरमार हो जायेगी और लोग बाह्य वेश देखकर ही लोगों को साधू और संत की संज्ञा देने लगेंगे बिना उसके आन्तरिक ज्ञान को देखे बिना !

स्त्र्तियाँ अपने स्त्रीत्व लक्षण और मर्यादा को भूलकर पुरुष वत व्यवहार करने लगेंगी और पुरुष अपने पुरुषत्व लक्षण को भूलकर स्त्रियोचित व्यवहार करने लगेंगे !

बहुत से लक्षण लिखे हैं , लेकिन वही गिना रहा हूँ जो अभी आँखों के सामने घटित हो रहे हैं !!

फिर भी लोग बोलते हैं कि हमारे शास्त्र बेकार हैं , मनुवादी हैं , इनको जला दो !

जलाना तो ऐसे राक्षसों को चाहिए जो अपने शास्त्रों का सम्मान नहीं करते !!

साभार : सोशल मीडिया

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Author: sssrknews

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