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जिस रणनीति से गिरी थी अटल सरकार, आज उसी अंदाज में कांग्रेस को जवाब दे रही है बीजेपी!

जूते में दाल बंट रही है,, ✍️

भाजपा कॉंग्रेस को उसके स्टाइल में ही जवाब दे रही है!

बस उसी जूते का उपयोग कर रहे हैं जिस जूते से कभी कांग्रेस ने अटल बिहारी वाजपेयी जी की सरकार को मारा था, आज नरेंद्र मोदी जी और अमित शाह जी उसी जूते से कांग्रेस को दाल परोस रहे हैं।

इसे ही कहते हैं,, ‘मीयां की जूती मीयां के सर’

आज कांग्रेसी नेताओं को सुनेंगे तो यह कहेंगे

👉🏿 बीजेपी में नैतिकता नहीं है।

👉🏿 बीजेपी विधायक खरीद रही है।

👉🏿 बीजेपी सांसद खरीद रही है।

👉🏿 बीजेपी सरकार गिरा रही है।ब्ला ब्ला प्याँ प्याँ

अटल बिहारी वाजपेयी जी के साथ इन सोनिया गांधी जी और उसके सलाहकार अहमद पटेल जी ने जो कुछ किया था पत्रकार स्वप्नदास गुप्ता के अनुसारः-

”अटल जी के आंखों में आंसू आ गए थे और वहां मौजूद कई लोगों ने अटल जी को रोते देखा था।”

16 अप्रैल 1999 को अटल जी के सरकार का बहुमत परीक्षण होने वाला था अटल जी आश्वस्त थे कि वह बहुमत साबित कर देंगे।

कांग्रेस ने इतना गंदा खेल खेला की एनडीए में शामिल अकाली दल के सांसद इंद्रकुमार गुजराल को तोड़ा और गुजराल ने ह्विप का उल्लंघन करके अटल बिहारी वाजपेयी जी के खिलाफ वोट डाला।

इसके अलावा उस वक्त फारुख अब्दुल्ला की पार्टी नेशनल कांफ्रेंस जो NDA में शामिल थी।

उस नेशनल कांफ्रेंस के सैफुद्दीन सोज को अहमद पटेल ने “कुरान” की कसम देकर अटल बिहारी वाजपेयी जी के सरकार के खिलाफ वोट देने को कहा था।

यह सब तो ठीक था ।

उससे भी बढ़कर नीचता देखकर उस वक्त सब चौंक गए कि जब 15 फरवरी को ही उड़ीसा के मुख्यमंत्री का शपथ ले चुके गिरधर गोमांग सदन में आ गये थे ।

नैतिकता के अनुसार जब वह मुख्यमंत्री पद का शपथ ले लिए तब उन्हें संसद से इस्तीफा दे देना चाहिए था। लेकिन फरवरी में वह मुख्यमंत्री बने और अप्रैल तक उन्होंने सांसद पद से इस्तीफा नहीं दिया ।

यह तो अटल बिहारी बाजपेयी जी की महानता थी कि उन्होंने सदन में खड़े होकर कहा थाः-

”मैं #Italian सोनिया गांधी और गिरधर गोमांग के विवेक पर छोड़ता हूं कि क्या वह जो कर रहे हैं वह नैतिक रूप से ठीक है और मुझे विश्वास है कि अपनी अंतरात्मा की आवाज मानते हुए गिरधर गोमांग सदन की वोटिंग में हिस्सा नहीं लेंगे क्योंकि वह एक मुख्यमंत्री बने हैं ।”

लेकिन उसके बावजूद भी भारत के लोकतंत्र की हत्या करते हुए सोनिया गांधी ने गिरधर गोमांग से वोट दिलवाया था और मात्र एक वोट से अटल जी की सरकार गिर गयी थी। बाद में लॉबी में सारे पत्रकार थे और अटल बिहारी वाजपेयी जी की आंखें आंसुओं से भरी हुई थी

क्योंकि अटल बिहारी वाजपेयी जी को विश्वास था की सोनिया गांधी और गिरधर गोमांग देश के लोकतंत्र का सम्मान करेंगे ।

एक जमाना था जब बीजेपी में नैतिकता उदारवादी बहुत चलती थी और जिसका फायदा इन कांग्रेसियों ने उठाया ।

अब नरेन्द्र मोदी और अमित शाह कांग्रेस को एक-एक वोट के लिए एक-एक सरकार के लिए तरसा रहे हैं ।👍

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Author: sssrknews

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