नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को सभी केंद्रीय मंत्रालयों के सचिवों के साथ एक अहम उच्चस्तरीय बैठक करने जा रहे हैं। इस बैठक में सरकार की प्रमुख योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के साथ-साथ प्रशासनिक सुधार, ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’, ‘ईज ऑफ लिविंग’ और आत्मनिर्भर भारत अभियान को गति देने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। सेशेल्स दौरे से लौटने के बाद प्रधानमंत्री की यह पहली बड़ी समीक्षा बैठक होगी। बैठक शाम करीब 4 बजे आयोजित की जाएगी, जिसमें सभी मंत्रालयों के वरिष्ठ सचिव मौजूद रहेंगे।
बैठक के दौरान विभिन्न मंत्रालयों के सचिव अपने-अपने विभागों की उपलब्धियों, चल रही परियोजनाओं और आगामी योजनाओं की जानकारी प्रधानमंत्री के सामने प्रस्तुत करेंगे। साथ ही प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने, नीतिगत सुधारों को तेज़ी से लागू करने तथा सरकारी कामकाज में दक्षता बढ़ाने पर भी विचार-विमर्श होगा। अधिकारियों से यह भी अपेक्षा की जा रही है कि वे अपने मंत्रालयों के भविष्य के रोडमैप और सुधार संबंधी सुझाव साझा करेंगे।
गौरतलब है कि पिछले दो महीनों के भीतर प्रधानमंत्री मोदी और केंद्र सरकार के शीर्ष अधिकारियों के बीच यह दूसरी बड़ी संस्थागत बैठक होगी। इससे पहले 21 मई को प्रधानमंत्री ने केंद्रीय मंत्रिपरिषद और सभी केंद्रीय सचिवों के साथ संयुक्त बैठक की थी। उस दौरान ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए प्रशासनिक सुधारों, नीतिगत बदलावों और सरकारी कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई थी।
पिछली बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने अधिकारियों को निर्णय लेने की प्रक्रिया में तेजी लाने और फाइलों के निस्तारण में अनावश्यक देरी से बचने के निर्देश दिए थे। उन्होंने स्पष्ट किया था कि ‘विकसित भारत 2047’ केवल एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का राष्ट्रीय संकल्प है। प्रधानमंत्री ने मंत्रालयों को संरचनात्मक सुधारों पर विशेष ध्यान देने और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता रखने की सलाह दी थी। साथ ही जिन मंत्रालयों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा था, उन्हें अपनी कार्यप्रणाली में सुधार कर बेहतर परिणाम देने के निर्देश भी दिए गए थे।






