नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच रोहिणी इलाके में एक निर्माणाधीन चार मंजिला इमारत ढहने से बड़ा हादसा हो गया। इस दुर्घटना में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि एक मजदूर घायल हुआ है। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। राहत एवं बचाव दल ने रातभर अभियान चलाकर मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकाला।
पुलिस के मुताबिक, बुधवार शाम इमारत गिरने के बाद तत्काल राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया। गुरुवार सुबह तक चले अभियान के दौरान मलबे से दो और शव बरामद किए गए, जिसके बाद मृतकों की संख्या बढ़कर तीन हो गई। घायल मजदूर को सुरक्षित निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
तीन लोगों की हुई मौत
पुलिस ने मृतकों की पहचान दर्जी राम (42), कफे उर्फ नूरुल (24) और राम दुआ (62) के रूप में की है। बताया जा रहा है कि राम दुआ इमारत के मालिक के पिता थे। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद मलबे की तलाशी के दौरान दो अन्य शव भी बरामद किए गए।
DCP ने क्या कहा?
रोहिणी के डीसीपी शशांक जायसवाल ने बताया कि बचाव अभियान के दौरान सद्दाम उर्फ रवि (32) नाम के एक मजदूर को मलबे से जिंदा निकाला गया, जिसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। उन्होंने कहा कि राहत अभियान लगभग पूरा हो चुका है, हालांकि यह सुनिश्चित करने के लिए मलबा हटाया जा रहा है कि कोई अन्य व्यक्ति अंदर फंसा न हो।
घटना के बाद FIR दर्ज
पुलिस ने बताया कि हादसे के संबंध में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और इमारत गिरने के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। फिलहाल एफआईआर की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
MCD स्कूल के पास हुआ हादसा
यह हादसा बुधवार शाम करीब 4:20 बजे रोहिणी सेक्टर-16 स्थित एमसीडी स्कूल के पास प्रॉपर्टी नंबर G-4/152 और G-4/153 पर हुआ। सूचना मिलते ही पुलिस, दिल्ली फायर सर्विस (DFS), नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF), दिल्ली नगर निगम (MCD), राजस्व विभाग और अन्य एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंचीं। भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाकर बचाव अभियान चलाया गया।
प्लंबिंग कार्य के दौरान हुआ हादसा
एमसीडी के अनुसार, जिस इमारत के गिरने की घटना हुई, उसे SARAL योजना के तहत भवन निर्माण की मंजूरी मिली थी। इस योजना में प्रमाणित आर्किटेक्ट या इंजीनियर की स्व-सत्यापित अंडरटेकिंग के आधार पर बिल्डिंग परमिट जारी किया जाता है।
नगर निगम के शुरुआती आकलन के मुताबिक, हादसे के समय इमारत के भीतर प्लंबिंग का काम चल रहा था। आशंका जताई जा रही है कि बीम और कॉलम जैसे स्ट्रक्चरल हिस्सों में ड्रिलिंग या कटिंग के कारण इमारत कमजोर होकर ढह गई। हालांकि, एमसीडी ने स्पष्ट किया है कि हादसे की वास्तविक वजह का पता विस्तृत तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।






