बॉलीवुड में ‘लव जिहाद’ का दौर लगभग ख़त्म हो चुका है, इसलिए अब ‘प्लान B’ के तौर पर टेलीविज़न पर यह सिलसिला शुरू हो गया है।
टेलीविज़न धारावाहिकों को ज़्यादातर महिलाएं, ख़ासकर हाउसवाइफ देखती हैं – क्योंकि इनमें भावुक और नाटकीय सामग्री होती है। पुरुष आम तौर पर ऐसे अति-नाटक देखने से बचते हैं।
इसलिए एकता कपूर जैसे लोगों ने सीधे हिंदू घरों के बैठक कक्षों में ‘लव जिहाद’ के बीज बोने का फ़ैसला किया।
नीचे कुछ टीवी धारावाहिक, उनके मुख्य अभिनेता (लगभग हमेशा एक मुस्लिम युवक) और उनके किरदारों के नाम दिए गए हैं।
▪️︎ धारावाहिक 1 – दीया और बाती हम।
मुख्य किरदार का नाम : सूरज।
अभिनेता : अनस राशिद।
▪️︎ धारावाहिक 2 – साथ निभाना साथिया।
मुख्य किरदार का नाम : अहम मोदी।
अभिनेता : मोहम्मद नाज़िम।
▪️︎ धारावाहिक 3 – नव्या।
मुख्य किरदार का नाम : अनंत।
अभिनेता : शहीर शेख।
▪️︎ धारावाहिक 4 – पवित्र रिश्ता।
मुख्य किरदार का नाम : दिग्विजय किर्लोस्कर।
अभिनेता : नावेद असलम।
▪️︎ धारावाहिक 5 – ये रिश्ता क्या कहलाता है?
मुख्य किरदार 1 का नाम : नक्ष।
अभिनेता : शहज़ाद शेख।
मुख्य किरदार 2 का नाम : अखिलेश।
अभिनेता : अली हसन।
मुख्य किरदार 3 का नाम :
कार्तिक।
अभिनेता : मोहसिन खान।
▪️︎ धारावाहिक 6 – ये हैं चाहतें।
मुख्य किरदार का नाम : रुद्र खुराना।
अभिनेता : अबरार काज़ी।
▪️︎ आने वाला धारावाहिक 7 – हीरो।
मुख्य किरदार का नाम : अभी तक पता नहीं चला है।
अभिनेता : शोएब इब्राहिम (दीपिका कक्कड़ के पति)।
यहाँ ध्यान देने वाली दिलचस्प बात यह है कि इन सभी धारावाहिकों में मुख्य महिला कलाकार हमेशा हिंदू लड़कियाँ होती हैं।
ऐसा नहीं है कि टीवी व्यवसाय में अच्छे दिखने वाले, प्रतिभाशाली हिंदू पुरुष अभिनेताओं की कमी है – लेकिन ऐसा लगता है कि उन्हें जान-बूझकर नज़रअंदाज़ किया जा रहा है और भूमिका मुस्लिम पुरुषों को दिए जा रहे हैं।
पहले, लोकप्रिय टीवी धारावाहिकों में वरुण बडोला, राम कपूर, रोनित रॉय, सुशांत सिंह राजपूत, सिद्धार्थ शुक्ला जैसे हिंदू पुरुष प्राथमिक अभिनेता होते थे। मुस्लिम एक्टर्स बहुत कम होते थे।
इसलिए मुस्लिम अभिनेताओं का यह मौजूदा दबदबा जान-बूझकर बनाया गया है, यह अपने आप नहीं हुआ है।
ये सभी लोकप्रिय धारावाहिक हिंदू पृष्ठभूमि पर आधारित होते हैं, लेकिन प्राथमिक पुरुष अभिनेता हमेशा कोई मुस्लिम व्यक्ति ही होता है।
इसके पीछे एक ख़तरनाक दोहरा मकसद होता है।
पहला, यह अभिनेत्रियों को ‘लव जिहाद’ के ख़तरे में डालता है।
दूसरा, यह महिला दर्शकों के मन में यह ग़लत धारणा बनाता है कि सिर्फ़ मुस्लिम पुरुष ही अच्छे दिखने वाले और प्रतिभाशाली होते हैं।
लगभग सभी हिंदू टीवी अभिनेत्रियां ‘लव जिहाद’ के जाल में फंसी हुई हैं।
एक टीवी अभिनेत्री तुनिषा शर्मा ने अपने बॉयफ्रेंड और को-एक्टर शीजान खान के मेकअप रूम में आत्महत्या कर ली थी। उनकी माँ ने ख़ान के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज़ कराई थी कि उसने उनकी बेटी का यौन शोषण किया और फिर उसे छोड़ दिया, जिसके बाद उसे गिरफ़्तार कर लिया गया था। लेकिन सबूतों की कमी के कारण उसे बाद में रिहा कर दिया गया।
ऐसा प्रतीत होता है कि सभी स्टार चैनल – चाहें स्टार गोल्ड हो, स्टार उत्सव हो या स्टार प्लस – अपने पारिवारिक धारावाहिकों, रोमांटिक ड्रामा, कॉमेडी, रियलिटी शो और क्राइम शो के ज़रिए ‘लव जिहाद’ को बढ़ावा दे रहे हैं।
इन सीरियल्स का आपके घर की बेटियों, बहनों और बहुओं पर सीधा असर पड़ता है 🤔
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