सुप्रीम कोर्ट में हंगामे के मामले में दो लॉ छात्र गिरफ्तार, कागज फेंकने और अभद्र भाषा के आरोप
सुप्रीम कोर्ट में हाल ही में हुई एक सुनवाई के दौरान हंगामा करने के मामले में पुलिस ने दो कानून के छात्रों को गिरफ्तार किया है। यह घटना 10 जुलाई 2026 को कोर्ट नंबर-13 में हुई थी, जब सुनवाई के दौरान एक युवक ने कथित तौर पर अदालत में कागज फेंके और मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया। इस घटना ने न्यायालय परिसर में मौजूद सभी लोगों को चौंका दिया था।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, 10 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही के दौरान मुख्य आरोपी प्रबल प्रताप सिंह ने कथित रूप से अदालत की गरिमा भंग करते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग किया। आरोप है कि उसने कोर्ट रूम में पर्चे और कागज फेंककर सुनवाई में व्यवधान उत्पन्न किया। इतना ही नहीं, सुरक्षा कर्मियों द्वारा रोकने की कोशिश किए जाने पर उसने ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के साथ धक्का-मुक्की और बल प्रयोग भी किया।
आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुई FIR
घटना के बाद दिल्ली के तिलक मार्ग थाने में दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 132, 221, 224, 3(5) सहित अन्य संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है।
मुख्य आरोपी की पहचान 24 वर्षीय प्रबल प्रताप सिंह के रूप में हुई है, जो लखनऊ विश्वविद्यालय में एलएलबी तृतीय वर्ष का छात्र है। वहीं, दूसरा आरोपी 23 वर्षीय चंदर भान है, जो उसी विश्वविद्यालय में एलएलबी द्वितीय वर्ष का छात्र बताया गया है।
मेडिकल जांच के बाद हुई गिरफ्तारी
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद दोनों आरोपियों का IHBAS में मेडिकल परीक्षण कराया गया। मेडिकल रिपोर्ट में बताया गया कि दोनों को तत्काल किसी मानसिक (साइकियाट्रिक) उपचार की आवश्यकता नहीं है।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से आपत्तिजनक शब्दों वाले पर्चे भी बरामद किए हैं। इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और आरोपियों से पूछताछ जारी है।






