संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन दिल्ली हाई अलर्ट पर है। केंद्र सरकार कई अहम विधेयकों को पेश करने की तैयारी में है, जबकि विपक्ष विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है। इसी बीच राजधानी के जंतर-मंतर पर CJP के संसद मार्च के ऐलान को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन को देखते हुए पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया है।
जंतर-मंतर पर 10 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात
जंतर-मंतर पर सुबह से हजारों प्रदर्शनकारी जुटने लगे हैं। स्थिति को देखते हुए करीब 10 हजार सुरक्षाबलों के जवान तैनात किए गए हैं। पुलिस ने जंतर-मंतर से संसद तक जाने वाले मार्ग पर तीन स्तरीय बैरिकेडिंग की है। मौके पर दंगा नियंत्रण वाहन (वज्र), टियर गैस और अतिरिक्त पुलिस बल भी मौजूद है।
नई दिल्ली जिले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 163 लागू है। जंतर-मंतर को छोड़कर अन्य स्थानों पर पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक है। दिल्ली पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून-व्यवस्था का पालन करने की अपील की है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों को संसद तक मार्च करने की अनुमति नहीं दी गई है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि प्रदर्शन को निर्धारित क्षेत्र से आगे बढ़ने नहीं दिया जाएगा। फिलहाल पुलिस अधिकारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत जारी है।
अनशन तोड़ने के लिए सोनम वांगचुक की चार शर्तें
इस बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त करने के लिए चार शर्तें रखी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें सफदरजंग अस्पताल में गैरकानूनी तरीके से नजरबंद रखा गया है और उनकी आवाजाही तथा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर रोक लगाई गई है।
सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने पत्र में उन्होंने सरकार और राजनीतिक दलों के सामने ये चार मांगें रखीं—
- सरकार शिक्षा व्यवस्था में हाल की विफलताओं और पेपर लीक जैसी घटनाओं की जिम्मेदारी स्वीकार करे।
- उन्हें और CJP के प्रतिनिधियों को संसद तक जाने की अनुमति दी जाए।
- विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद संसद में इस मुद्दे को उठाने का सार्वजनिक आश्वासन दें।
- यदि स्वास्थ्य कारणों से संसद जाना संभव न हो, तो विभिन्न दलों के सांसद अस्पताल पहुंचकर लिखित रूप में इस मुद्दे को संसद में उठाने का भरोसा दें।
कई मेट्रो स्टेशन किए गए बंद
सुरक्षा कारणों से दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने राजधानी के कई प्रमुख मेट्रो स्टेशनों को अगले आदेश तक बंद कर दिया है। इनमें जनपथ, राजीव चौक, पटेल चौक, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट और सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशन शामिल हैं।
इसके अलावा पार्लियामेंट स्ट्रीट और आसपास के इलाकों में सुरक्षा घेरा बढ़ा दिया गया है। जंतर-मंतर से संसद की ओर जाने वाले सभी प्रमुख रास्तों को बैरिकेडिंग कर सील कर दिया गया है। ऐसे में प्रदर्शनकारियों के संसद तक पहुंचने की संभावना फिलहाल बेहद कम मानी जा रही है।
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