NEET UG पेपर लीक पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा- ‘गलतियों का सिलसिला खत्म करना होगा’; 3 अगस्त को अगली सुनवाई
NEET UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन जारी हैं। दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र संगठनों का आंदोलन चल रहा है, जबकि विपक्ष शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है। इसी बीच शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने पेपर लीक से जुड़ी कई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए परीक्षा प्रणाली को लेकर कड़ी टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि अब “गलतियों का सिलसिला खत्म करना होगा” और इस पूरे मामले की लगातार निगरानी की जाएगी।
याचिकाओं में क्या मांग की गई?
याचिकाकर्ताओं ने परीक्षा आयोजित करने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि केंद्र सरकार को निर्देश दिए जाएं कि या तो NTA में व्यापक सुधार किए जाएं या उसकी जगह एक नई, तकनीकी रूप से अधिक सुरक्षित और स्वतंत्र संस्था बनाई जाए। इसके अलावा, CBI को निर्देश देने की भी मांग की गई है कि वह पेपर लीक मामले की जांच रिपोर्ट चार सप्ताह के भीतर सुप्रीम कोर्ट में पेश करे।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
सुनवाई के दौरान सुप्रीम Court ने स्पष्ट किया कि वह पूरे साल इस मामले की निगरानी करेगा और समय-समय पर प्रगति की समीक्षा करेगा। कोर्ट ने केंद्र सरकार से विस्तृत हलफनामा दाखिल करने को कहा है, जिसमें भविष्य में पेपर लीक रोकने के लिए उठाए जाने वाले कदमों और नई व्यवस्था की पूरी जानकारी होगी। कोर्ट ने कहा कि उसका उद्देश्य ऐसी संस्थागत व्यवस्था सुनिश्चित करना है, जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।
केंद्र सरकार ने क्या जवाब दिया?
केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि सरकार परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए कई बड़े कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्र की प्रिंटिंग से लेकर छात्रों तक सुरक्षित पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया अदालत के सामने रखी जाएगी। सरकार राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों को लागू करेगी और उससे आगे बढ़कर भी सुधारात्मक कदम उठाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश देते हुए मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त को तय की है।
सुप्रीम कोर्ट की प्रमुख टिप्पणियां
- गलतियों का सिलसिला अब खत्म करना होगा।
- अदालत पूरे मामले की लगातार निगरानी करेगी।
- जरूरत पड़ी तो अतिरिक्त कदम भी उठाए जाएंगे।
- कंप्यूटर आधारित परीक्षा प्रणाली पर विस्तृत जानकारी दी जाए।
- प्रश्नपत्र सुरक्षित तरीके से छात्रों तक कैसे पहुंचेंगे, इसका पूरा रोडमैप पेश किया जाए।
- साइबर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विस्तृत जानकारी मांगी गई है।
- मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त को होगी।
सोनम वांगचुक ने खत्म किया अनशन
इस बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने उन्हें जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। सरकार ने उनकी कुछ प्रमुख मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाने का आश्वासन दिया है। साथ ही सरकार ने कहा है कि संसद में पेपर लीक से जुड़े सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए वह तैयार है। इसके अलावा, पेपर लीक के बाद जान गंवाने वाले छात्रों के परिजनों को उचित मुआवजा देने के प्रस्ताव पर भी विचार किया जा रहा है।
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