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भारी बारिश और भूस्खलन के चलते चार धाम यात्रा 2 दिन के लिए स्थगित

भारी बारिश और भूस्खलन के चलते चार धाम यात्रा 2 दिन के लिए स्थगित, मौसम सुधरने पर फिर होगी शुरुआत

हरिद्वार: उत्तराखंड से चार धाम यात्रा को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। लगातार हो रही भारी बारिश और कई स्थानों पर भूस्खलन के कारण प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए चार धाम यात्रा अगले दो दिनों के लिए स्थगित कर दी है। यह निर्णय मंगलवार और बुधवार के लिए लागू रहेगा।

गढ़वाल मंडल आयुक्त ने दी जानकारी

गढ़वाल मंडल के आयुक्त ने बताया कि चारधाम यात्रा मार्ग पर कई स्थानों पर भूस्खलन होने से रास्ते अवरुद्ध हो गए हैं। साथ ही मौसम विभाग ने भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यात्रा को अस्थायी रूप से रोकने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि मौसम सामान्य होते ही यात्रा दोबारा शुरू कर दी जाएगी।

हरिद्वार और ऋषिकेश से होती है यात्रा की शुरुआत

चार धाम यात्रा की शुरुआत आमतौर पर हरिद्वार या ऋषिकेश से होती है। इसके बाद श्रद्धालु क्रमशः यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम के दर्शन करते हैं। यह यात्रा हर वर्ष गर्मियों में शुरू होती है और सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण बंद कर दी जाती है।

सनातन धर्म में विशेष महत्व

सनातन परंपरा में चार धाम यात्रा का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इन चारों धामों के दर्शन करने से व्यक्ति को आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। हिमालय की पवित्र वादियों में स्थित इन धामों के दर्शन के लिए हर साल लाखों श्रद्धालु देश-विदेश से पहुंचते हैं।

अगले 15 घंटों तक भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार गंगोत्री, केदारनाथ, बद्रीनाथ और आसपास के इलाकों में अगले 15 घंटों के दौरान बिजली चमकने के साथ भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा तेज आंधी और तूफान की भी आशंका जताई गई है। प्रशासन ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और अत्यावश्यक स्थिति को छोड़कर घरों से बाहर न निकलने की अपील की है।

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन में हुआ था बदलाव

गौरतलब है कि फरवरी 2026 में चार धाम यात्रा के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन सिस्टम में बदलाव किया गया था। इसके तहत श्रद्धालुओं से पंजीकरण शुल्क लेने का निर्णय लिया गया था। शुल्क निर्धारण के लिए गढ़वाल मंडल के अतिरिक्त आयुक्त की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया था।

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