मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम में कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने 1947 के विभाजन को मानव इतिहास के सबसे दर्दनाक अध्यायों में से एक बताते हुए कहा कि उस समय करोड़ों लोगों को अपनी मातृभूमि और जन्मभूमि से विस्थापित होना पड़ा था। उन्होंने कहा कि सत्ता की लालसा ने एक सनातन राष्ट्र को विभाजन की ओर धकेला और देश के टुकड़े कर दिए।
‘यह सिर्फ स्मृति दिवस नहीं, इतिहास से सीखने का अवसर’
सीएम योगी ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस केवल अतीत को याद करने का दिन नहीं है, बल्कि इतिहास के काले अध्यायों से सीख लेने का अवसर भी है। उन्होंने सवाल उठाया कि विभाजन की स्थिति क्यों पैदा हुई, इसके लिए कौन जिम्मेदार था, कितने दोषियों को सजा मिली और आखिर कब तक देश को उस त्रासदी की कीमत चुकानी पड़ेगी।
उन्होंने कहा कि ये सवाल आज भी हमारे सामने खड़े हैं और केवल विभाजन को याद कर लेने से समस्या का समाधान नहीं होगा। जरूरी है कि देश उस दौर की परिस्थितियों को समझे और उससे सबक ले।
‘विभाजन की कीमत आज भी चुका रहा भारत’
मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाजन की सबसे बड़ी कीमत भारत और उसके निर्दोष नागरिकों को चुकानी पड़ी। उनके मुताबिक, देश आज भी इसके दुष्परिणाम झेल रहा है। उन्होंने आतंकवाद, नक्सलवाद, माओवाद और उग्रवाद जैसी चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि इन समस्याओं ने लगातार देश को प्रभावित किया है।
सीएम योगी ने कहा कि 1947 से पहले हुए घटनाक्रम और उससे जुड़े षड्यंत्रों को समझना जरूरी है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि इतिहास की इन घटनाओं पर सवाल उठाए जाने चाहिए और देश को यह नहीं भूलना चाहिए कि विभाजन की त्रासदी ने कितनी बड़ी कीमत वसूल की।
CAA को लेकर कांग्रेस पर साधा निशाना
कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार CAA लेकर आई तो इसका विरोध किए जाने का कोई औचित्य नहीं था।
उन्होंने कहा कि CAA में अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश से धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत आए हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई समुदाय के लोगों को भारतीय नागरिकता देने का प्रावधान किया गया। योगी ने कहा कि कानून में किसी की जमीन या संपत्ति छीनने का कोई प्रावधान नहीं था, फिर भी इसके विरोध में आंदोलन और हिंसक प्रदर्शन की कोशिशें हुईं।
उन्होंने लखनऊ, कानपुर, मेरठ, संभल, अलीगढ़, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर समेत कई स्थानों पर हुए प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में मजबूत सरकार होने के कारण स्थिति को नियंत्रित किया जा सका।
‘हमें आपस में बंटने की गलती नहीं करनी’
सीएम योगी ने कहा कि देश को 1947 के विभाजन से सबक लेते हुए आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने लोगों से एकता, सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय भावना को मजबूत करने की अपील की।
बता दें कि भारत में 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ मनाया जाता है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी 1947 के विभाजन की दर्दनाक यादों को याद करते हुए उन लोगों के साहस और संघर्ष को नमन किया।
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