अयोध्या के बदलते स्वरूप पर CM योगी का बयान, बोले- भ्रम और गलत सूचनाओं से रहें सावधान
गोरखपुर: अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के बाद शहर में आए बदलाव और देश में हो रहे धार्मिक एवं सांस्कृतिक विकास का उल्लेख करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाज से भ्रम और गलत सूचनाओं के प्रति सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि अयोध्या का बदलता स्वरूप कुछ लोगों को असहज कर रहा है और ऐसे में समाज को भ्रामक प्रचार से सावधान रहने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर में महंत दिग्विजयनाथ की 57वीं और महंत अवैद्यनाथ की 12वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने अयोध्या, काशी और विंध्याचल में हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए देश में दिखाई दे रहे धार्मिक और सांस्कृतिक बदलाव पर अपने विचार रखे।
अयोध्या के बदलते स्वरूप का किया उल्लेख
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण किसी एक घटना का परिणाम नहीं है, बल्कि इसके पीछे लंबे समय तक चला आंदोलन रहा है। उन्होंने अयोध्या के साथ-साथ काशी विश्वनाथ धाम और विंध्याचल धाम में हुए विकास कार्यों का भी जिक्र किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक स्थलों के विकास और बड़े धार्मिक आयोजनों के माध्यम से देश की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को नया विस्तार मिला है। उन्होंने अयोध्या में हुए बदलाव को इसी व्यापक परिवर्तन के संदर्भ में रखा।
‘भ्रम और गलत सूचनाओं से रहें सावधान’
मुख्यमंत्री ने समाज से अपील करते हुए कहा कि लोगों को ऐसी सूचनाओं और प्रचार से सावधान रहना चाहिए, जिनसे भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। उन्होंने अपने संबोधन में रामायण के पात्र कालनेमि का उदाहरण देते हुए कहा कि समाज को ऐसे प्रयासों को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है, जिन्हें वह लोगों को गुमराह करने वाला मानते हैं।
योगी ने सनातन धर्म के अनुयायियों से भी गलत सूचनाओं और भ्रामक प्रचार के प्रति जागरूक रहने की अपील की।
एकजुटता को बताया देश की ताकत
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में देश की बड़ी आबादी के बीच एकता और सामूहिक प्रयास के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज के विभिन्न वर्ग साझा उद्देश्य के साथ आगे बढ़ें तो देश की शक्ति और क्षमता बढ़ती है।
उन्होंने ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना का उल्लेख करते हुए कहा कि इस विचार को व्यवहार में उतारने के लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर आगे बढ़ने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के करोड़ों लोग एकजुट होकर कार्य करें तो भारत की प्रगति को गति मिल सकती है।
महंत दिग्विजयनाथ के योगदान को किया याद
श्रद्धांजलि सभा के दौरान योगी आदित्यनाथ ने महंत दिग्विजयनाथ के शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में योगदान को भी याद किया। उन्होंने कहा कि करीब एक सदी पहले स्थापित महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद ने शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और यह कार्य आज भी आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने महंत दिग्विजयनाथ और महंत अवैद्यनाथ के सामाजिक एवं शैक्षणिक योगदान का उल्लेख करते हुए उनके कार्यों को स्मरण किया।
धार्मिक आयोजनों और सांस्कृतिक परंपराओं का भी किया जिक्र
योगी आदित्यनाथ ने 2019 के प्रयागराज कुंभ के बाद वृंदावन में आयोजित वैष्णव कुंभ का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौर में भी इस धार्मिक आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में ऐसे धार्मिक आयोजनों को भारत की परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ते हुए उनके महत्व का उल्लेख किया। उनका कहना था कि देश में धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ विकास की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है।
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