॥ श्री राज श्यामा जी सदा सहाय ॥ 🙏🚩
मदीना में मस्जिद-ए-नबवी के बाहरी क्षेत्र, उहुद पर्वत और कुबा मस्जिद के आसपास पहुंचा भारतीय प्रतिनिधिमंडल
नई दिल्ली। जनवरी 2024 में केंद्रीय मंत्री स्मृति ज़ूबिन ईरानी के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने सऊदी अरब के मदीना शहर का दौरा किया था। भारत सरकार ने इस यात्रा को ऐतिहासिक बताते हुए इसकी आधिकारिक जानकारी साझा की थी। प्रतिनिधिमंडल में तत्कालीन विदेश राज्य मंत्री वी. मुरलीधरन और वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल थे।
स्मृति ईरानी ने इस दौरान भारतीय पारंपरिक परिधान साड़ी और बिंदी के साथ मदीना का दौरा किया। सार्वजनिक रूप से उपलब्ध तस्वीरों और रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने सिर ढकने वाला हिजाब नहीं पहना था।
मदीना में किन स्थानों का किया दौरा?
भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने अल-मस्जिद अन-नबवी के बाहरी क्षेत्र, उहुद पर्वत और कुबा मस्जिद के बाहरी क्षेत्र का दौरा किया। प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय हज स्वयंसेवकों तथा भारत से आए उमरा यात्रियों से भी मुलाकात की।
भारत सरकार के अनुसार इस यात्रा का उद्देश्य भारतीय हज यात्रियों के लिए व्यवस्थाओं को समझना और उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा करना था। यह दौरा 2024 के भारत-सऊदी हज समझौते पर हस्ताक्षर के बाद हुआ था।
क्या मदीना में गैर-मुस्लिमों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक थी?
मक्का के मुख्य हरम क्षेत्र में गैर-मुस्लिमों के प्रवेश पर प्रतिबंध एक स्थापित नियम है। वहीं मदीना के संबंध में “पूरे शहर में हर गैर-मुस्लिम का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित था” कहना अधिक व्यापक दावा होगा।
स्मृति ईरानी के 2024 के दौरे को भारत सरकार ने मदीना की ऐतिहासिक यात्रा के रूप में दर्ज किया था और भारतीय मीडिया ने इसे एक दुर्लभ गैर-मुस्लिम भारतीय प्रतिनिधिमंडल की यात्रा के रूप में रिपोर्ट किया।
भारत-सऊदी हज सहयोग का महत्वपूर्ण संदर्भ
स्मृति ईरानी की यात्रा के दौरान भारत और सऊदी अरब के बीच हज 2024 के लिए द्विपक्षीय समझौता हुआ था। दोनों देशों के बीच हज व्यवस्था, भारतीय यात्रियों की सुविधाओं और तीर्थयात्रियों के लिए बेहतर सेवाओं को लेकर चर्चा हुई थी।
बाद में हज 2025 के लिए भारत का कोटा 1,75,025 निर्धारित किया गया था। भारत-सऊदी संबंधों में हज और उमरा सहयोग एक महत्वपूर्ण क्षेत्र बना हुआ है।
साड़ी और बिंदी में यात्रा ने खींचा ध्यान
स्मृति ईरानी की भारतीय पारंपरिक पोशाक में मदीना यात्रा की तस्वीरें सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से चर्चा में आई थीं। खास तौर पर साड़ी और बिंदी में उनकी तस्वीरों को भारत और सऊदी अरब के बीच बदलते राजनयिक एवं सांस्कृतिक संपर्क के संदर्भ में देखा गया।
हालांकि, इस यात्रा को किसी राजनीतिक उपलब्धि या किसी देश की दूसरे देश पर जीत के रूप में पेश करने के बजाय इसके कूटनीतिक और प्रशासनिक संदर्भ को समझना अधिक उचित है।
भारत-सऊदी संबंधों का व्यापक परिप्रेक्ष्य
भारत और सऊदी अरब के संबंध केवल हज तक सीमित नहीं हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, ऊर्जा, प्रवासी भारतीय समुदाय और रणनीतिक सहयोग जैसे कई क्षेत्र महत्वपूर्ण हैं। भारत सरकार के अनुसार सऊदी अरब में लगभग 27 लाख भारतीय नागरिक रहते हैं और दोनों देशों के बीच लोगों के स्तर पर भी मजबूत संबंध हैं।
SSSRK विशेष
स्मृति ईरानी का मदीना दौरा जनवरी 2024 की घटना है और इसे लेकर सोशल मीडिया पर कई दावे समय-समय पर वायरल होते रहे हैं। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार यह यात्रा भारतीय हज व्यवस्थाओं और भारत-सऊदी सहयोग के संदर्भ में हुई थी। इसलिए इससे जुड़े वायरल दावों को साझा करते समय तारीख, यात्रा का उद्देश्य और मदीना में वास्तव में देखे गए स्थानों का ध्यान रखना जरूरी है।
जय श्री राम। 🙏🚩
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