ePortal Political Desk | नई दिल्ली
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के देश में हुए चुनावों को लेकर दिए बयान पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। खरगे ने हाल ही में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं को भंग कर नए सिरे से चुनाव कराने की मांग की थी और चुनावों को लेकर गंभीर सवाल उठाए थे। उन्होंने नए चुनाव बैलेट पेपर के जरिए कराने की मांग भी रखी।
खरगे के इस बयान के बाद BJP नेताओं ने इसे जनता के जनादेश और संवैधानिक व्यवस्था पर सवाल उठाने वाला बयान बताया और उनसे माफी मांगने की मांग की।
खरगे ने क्या कहा था?
कर्नाटक के कलबुर्गी में पत्रकारों से बातचीत के दौरान खरगे ने कहा कि देश में हुए चुनावों की प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावों में अनियमितताएं हुई हैं और Special Intensive Revision (SIR) को लेकर भी गंभीर चिंताएं हैं।
खरगे ने कहा कि जिन चुनावों को लेकर उन्हें आपत्ति है, उनके बाद बनी सरकारों को भंग कर नए सिरे से चुनाव कराए जाने चाहिए। उन्होंने EVM के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग भी की।
खरगे ने अपने बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी ‘अवैध’ कहा था।
किरेन रीजीजू ने पूछा—‘क्या आप भी अवैध सांसद हैं?’
खरगे के बयान पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने पलटवार किया।
रीजीजू ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सवाल उठाया कि यदि मौजूदा निर्वाचित सरकारें और जनप्रतिनिधि ‘अवैध’ हैं, तो क्या मल्लिकार्जुन खरगे स्वयं और राहुल गांधी भी ‘अवैध सांसद’ हैं?
उन्होंने तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और झारखंड के मुख्यमंत्रियों को लेकर भी इसी तर्क पर सवाल उठाया और खरगे से संविधान का अपमान नहीं करने को कहा।
BJP ने कहा—‘जनादेश का अपमान’
BJP ने खरगे की टिप्पणी को जनता के चुनावी जनादेश से जोड़ते हुए उनसे माफी की मांग की।
BJP के राज्यसभा सांसद और प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि निर्वाचित सरकारों और चुनावी प्रक्रिया को इस तरह ‘अवैध’ कहना देश के मतदाताओं के फैसले पर सवाल उठाने के समान है। BJP ने इसे लोकतांत्रिक जनादेश के प्रति अपमानजनक बताया।
खरगे के कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव पर भी उठाया सवाल
सुधांशु त्रिवेदी ने खरगे के कांग्रेस अध्यक्ष चुने जाने की प्रक्रिया का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि खरगे के कांग्रेस अध्यक्ष चुने जाने के बाद पार्टी के कुछ नेताओं ने Electoral College की सूची मांगी थी, लेकिन उनके अनुसार यह सूची उपलब्ध नहीं कराई गई।
इसी आधार पर त्रिवेदी ने सवाल उठाया कि यदि चुनाव की वैधता पर सवाल उठाना ही पैमाना है, तो क्या कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए खरगे का चुनाव भी ‘अवैध’ माना जाए? यह BJP की ओर से किया गया राजनीतिक सवाल है।
2014 के लोकसभा चुनाव का भी किया जिक्र
BJP नेता सुधांशु त्रिवेदी ने 2014 के लोकसभा चुनाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस चुनाव में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में BJP ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया और देश में पहली गैर-कांग्रेसी सरकार बनी जिसे लोकसभा में स्पष्ट बहुमत प्राप्त हुआ।
BJP ने इसी जनादेश को मौजूदा राजनीतिक बहस के संदर्भ में रखते हुए कहा कि चुनावी प्रक्रिया और उसके परिणाम को ‘अवैध’ बताने से करोड़ों मतदाताओं के फैसले पर सवाल उठता है।
SIR और चुनावी प्रक्रिया पर बढ़ी राजनीतिक बहस
खरगे के बयान के बाद एक बार फिर SIR, मतदाता सूची, EVM और चुनावी प्रक्रिया को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
कांग्रेस इन मुद्दों पर चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठा रही है, जबकि BJP खरगे के बयानों को लोकतांत्रिक जनादेश और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल के रूप में देख रही है।
फिलहाल विवाद का केंद्र यही है कि चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठाए गए आरोपों और आपत्तियों का समाधान राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय संवैधानिक एवं संस्थागत प्रक्रियाओं के माध्यम से किस तरह किया जाएगा।
नोट: ‘अवैध’ शब्द इस रिपोर्ट में संबंधित नेताओं के सार्वजनिक बयानों के संदर्भ में इस्तेमाल किया गया है; इसे स्वतंत्र तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है।







