संदिग्ध आतंकी हमले के बाद अमेरिका का बड़ा कदम, इंग्लैंड एयरबेस से वापस बुलाए बॉम्बर विमान
वॉशिंगटन: अमेरिकी वायुसेना ने इंग्लैंड स्थित अपने RAF फेयरफोर्ड एयरबेस से कई बॉम्बर विमानों को वापस अमेरिका भेज दिया है। यह फैसला एयरबेस पर सितंबर के अंत में हुई एक सुरक्षा घटना और उसके बाद सामने आई संभावित आतंकी साजिश की जांच के बीच लिया गया है।
एक अमेरिकी रक्षा अधिकारी के मुताबिक, एयरबेस पर तैनात बॉम्बर विमानों को उनके अमेरिकी ठिकानों पर वापस भेज दिया गया है। संवेदनशील सैन्य गतिविधियों पर सार्वजनिक रूप से चर्चा करने के लिए अधिकृत नहीं होने के कारण अधिकारी ने रविवार को नाम न बताने की शर्त पर यह जानकारी दी।
कई B-1 बॉम्बर विमानों ने भरी उड़ान
एविएशन और सैन्य गतिविधियों पर नजर रखने वाले समूहों के अनुसार, ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू होने के बाद से RAF फेयरफोर्ड से B-52 और B-1 जैसे अमेरिकी बॉम्बर विमानों की गतिविधियां देखी जाती रही हैं।
रविवार को भी एयरबेस से कई B-1 बॉम्बर विमानों को उड़ान भरते हुए देखा गया। माना जा रहा है कि इन विमानों को अमेरिका वापस भेजा गया है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ आगे की सैन्य कार्रवाई को लेकर विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। इनमें संभावित नए हमले भी शामिल बताए जा रहे हैं।
शनिवार को ट्रंप ने ईरान को लेकर कहा था कि उन्हें कुछ फैसले लेने हैं। उन्होंने कहा कि ईरान को भारी नुकसान पहुंचाया जा चुका है और अब आगे का रास्ता आसान या मुश्किल तरीके से तय किया जा सकता है।
ब्रिटेन में संदिग्ध की गिरफ्तारी के बाद जांच तेज
RAF फेयरफोर्ड में सितंबर के आखिर में हुई सुरक्षा घटना के बाद ब्रिटेन में भी जांच तेज हुई। पिछले सप्ताह सेंट्रल लंदन में एक ब्रिटिश-ईरानी नागरिक को कथित तौर पर आतंकी हमले की साजिश रचने के संदेह में गिरफ्तार किया गया था।
जांच के दौरान कुल छह लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई। बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया।
ब्रिटिश अधिकारियों ने इस मामले के संभावित संबंध ईरान से जोड़े हैं। हालांकि, ईरान ने किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है।
ईरान ने सैन्य ठिकानों को लेकर दी है चेतावनी
रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान पहले यह कह चुका है कि उसके खिलाफ सैन्य हमलों के लिए इस्तेमाल होने वाले ठिकानों को वह वैध सैन्य लक्ष्य मानता है।
वहीं, ब्रिटिश अधिकारियों का आरोप है कि ईरान से जुड़े कथित प्रॉक्सी समूह ब्रिटेन और अन्य देशों में आगजनी समेत विभिन्न हमलों में शामिल रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, कुछ घटनाओं में यहूदी समुदाय को निशाना बनाए जाने और भय का माहौल पैदा करने की कोशिश की गई।
ब्रिटेन की ओर से पहले यह चेतावनी भी दी जा चुकी है कि यदि मध्य पूर्व में संघर्ष जारी रहता है, तो ईरान से जुड़े तत्व ब्रिटेन में अपने संभावित निशाने बढ़ा सकते हैं।
एयरबेस की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
RAF फेयरफोर्ड से अमेरिकी बॉम्बर विमानों की वापसी ऐसे समय हुई है जब मध्य पूर्व में तनाव और संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर चिंता बनी हुई है। हालांकि, विमानों को वापस बुलाने के फैसले का सटीक परिचालन कारण अमेरिकी रक्षा विभाग की ओर से सार्वजनिक रूप से विस्तार से नहीं बताया गया है।
नोट: इस रिपोर्ट में सुरक्षा एजेंसियों और अधिकारियों से जुड़े आरोपों तथा मीडिया रिपोर्टों का उल्लेख किया गया है। किसी भी कथित आतंकी साजिश या विदेशी संलिप्तता को अंतिम रूप से प्रमाणित तथ्य तभी माना जाना चाहिए जब संबंधित जांच एजेंसियों की आधिकारिक पुष्टि हो।







