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नाना पाटेकर के निधन पर राष्ट्रपति मुर्मू और पीएम मोदी ने जताया शोक, बोले- पीढ़ियां याद रखेंगी उनकी दमदार अदाकारी

नई दिल्ली: दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का आज सुबह गोवा स्थित उनके आवास पर कार्डियक अरेस्ट के चलते निधन हो गया। उनके निधन की खबर से फिल्म जगत के साथ-साथ राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में भी शोक की लहर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत कई नेताओं ने नाना पाटेकर के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जताया दुख

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नाना पाटेकर के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उनके जाने से भारतीय सिनेमा को बड़ी क्षति हुई है। उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर ने अपनी दमदार और भावनात्मक अदाकारी के जरिए मानवीय भावनाओं और अनुभवों को पर्दे पर बेहद प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।

राष्ट्रपति ने कहा कि नाना पाटेकर द्वारा निभाए गए कई किरदार लोगों के दिल और दिमाग पर लंबे समय तक अपनी छाप छोड़ते रहे। उन्होंने समाज सेवा के क्षेत्र में अभिनेता के योगदान को भी याद किया और कहा कि वंचितों के प्रति उनकी संवेदनशीलता उनके व्यक्तित्व का महत्वपूर्ण हिस्सा थी। राष्ट्रपति ने उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

पीएम मोदी ने कहा- पीढ़ियों तक याद किए जाएंगे नाना पाटेकर के किरदार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नाना पाटेकर के निधन पर गहरा दुख जताया। उन्होंने अभिनेता की अनोखी अभिनय शैली, दमदार स्क्रीन प्रेजेंस और अलग-अलग तरह के किरदारों को जीवंत करने की क्षमता की सराहना की।

पीएम मोदी ने कहा कि नाना पाटेकर में एक अलग तरह की ऊर्जा, मौलिकता और प्रभावशाली व्यक्तित्व था। उन्होंने अपने हर किरदार में विविधता और रचनात्मकता का परिचय दिया। उनके द्वारा निभाए गए कई पात्र ऐसे हैं जिन्हें आने वाली पीढ़ियां भी याद रखेंगी।

प्रधानमंत्री ने नाना पाटेकर की बेबाकी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अभिनेता अपनी स्पष्ट और निडर राय रखने के लिए जाने जाते थे और अपनी बात कहने से कभी पीछे नहीं हटे।

हिंदी और मराठी सिनेमा में अमिट योगदान

पीएम मोदी ने कहा कि हिंदी और मराठी सिनेमा में नाना पाटेकर का योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने अपने अभिनय से फिल्म जगत को कई यादगार किरदार दिए। उनके निधन से सिनेमा जगत में एक बड़ी कमी पैदा हुई है।

प्रधानमंत्री ने शोक संतप्त परिवार, दोस्तों और नाना पाटेकर के लाखों प्रशंसकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत अभिनेता को श्रद्धांजलि दी।

अमित शाह ने बताया कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी नाना पाटेकर के निधन पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अभिनेता का निधन भारतीय कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।

अमित शाह ने कहा कि पांच दशक से अधिक लंबे करियर में नाना पाटेकर ने अपनी स्वाभाविक अभिनय शैली और दमदार संवाद अदायगी से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। गंभीर सामाजिक विषयों से लेकर हास्य और व्यंग्य तक, उन्होंने हर तरह के किरदार को अपनी अदाकारी से यादगार बना दिया।

गृह मंत्री ने नाना पाटेकर के सामाजिक कार्यों को भी याद किया। उन्होंने कहा कि NAAM Foundation के जरिए सूखे से प्रभावित किसान परिवारों की मदद करने और सैनिकों का मनोबल बढ़ाने के लिए सीमा पर जाने जैसे कार्यों से उन्होंने समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई।

अमित शाह ने कहा कि प्रसिद्धि के शिखर पर पहुंचने के बावजूद नाना पाटेकर अपनी जड़ों से जुड़े रहे। उन्होंने अभिनेता की सादगी और स्पष्टवादिता को भी याद किया और उनके परिवार व प्रशंसकों के प्रति संवेदना जताई।

देवेंद्र फडणवीस ने कहा- नाना का जाना व्यक्तिगत रूप से भी बड़ा सदमा

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नाना पाटेकर के निधन को बेहद दुखद और सदमे वाला बताया। उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर उनके करीबी मित्र थे और उनका अचानक चले जाना व्यक्तिगत रूप से भी उनके लिए बेहद पीड़ादायक है।

फडणवीस ने कहा कि नाना जितने बड़े कलाकार थे, उतने ही संवेदनशील और अच्छे इंसान भी थे। उन्होंने मराठी और हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बनाई और एक देशभक्त कलाकार के तौर पर भी लोगों के दिलों में जगह बनाई।

उन्होंने ‘क्रांतिवीर’ से लेकर ‘नटसम्राट’ तक नाना पाटेकर के शानदार अभिनय को याद करते हुए कहा कि उनके अभिनय की बराबरी करना मुश्किल है।

किसानों के लिए भी किया उल्लेखनीय काम

देवेंद्र फडणवीस ने नाना पाटेकर के सामाजिक कार्यों को याद करते हुए कहा कि उनकी बेबाकी और निडरता सार्वजनिक जीवन में उनकी पहचान थी, लेकिन उनके भीतर एक बेहद संवेदनशील इंसान भी था।

फडणवीस के मुताबिक, ‘जलयुक्त शिवार’ अभियान के दौरान नाना पाटेकर ने खुद आगे बढ़कर इसका समर्थन किया था। मकरंद अनासपुरे के साथ मिलकर उन्होंने NAAM Foundation के माध्यम से किसानों और सूखे से प्रभावित परिवारों के लिए जमीनी स्तर पर काम किया।

उन्होंने कहा कि किसानों की मदद हो या सूखे के समय लोगों तक सहायता पहुंचाने का काम, नाना हमेशा आगे रहते थे। फडणवीस ने अभिनेता को भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

कई अन्य नेताओं ने भी दी श्रद्धांजलि

नाना पाटेकर के निधन पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई अन्य नेताओं ने भी शोक व्यक्त किया।

शिवसेना नेता शाइना एनसी ने नाना पाटेकर को देश के बेहतरीन अभिनेताओं में से एक बताते हुए कहा कि वह पर्दे के बाहर भी एक नायक की तरह थे। उन्होंने किसानों के लिए किए गए नाना पाटेकर के काम को भी याद किया।

वहीं, भाजपा नेता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि नाना पाटेकर केवल महान कलाकार ही नहीं, बल्कि एक महान इंसान भी थे। उन्होंने कहा कि नाना की सोच और उनका अभिनय दोनों ही बेहद खास थे और वह जिस भी भूमिका को निभाते थे, उसमें पूरी तरह से जान डाल देते थे।

नाना पाटेकर के निधन से भारतीय सिनेमा ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया है, जिसकी अदाकारी, बेबाक व्यक्तित्व और सामाजिक सरोकार लंबे समय तक याद किए जाएंगे।

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Author: sssrknews

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