आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले में दो सरकारी स्कूलों के शिक्षकों ने 10वीं बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सात छात्रों को हवाई यात्रा का तोहफा दिया। ये सभी छात्र आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से हैं। शिक्षकों ने इस पहल के जरिए छात्रों को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया। बेलुगुप्पा मंडल की पांच छात्राओं ने एसएससी परीक्षा में 600 में से 550 से अधिक अंक हासिल किए थे। इस विशेष यात्रा को मंडल शिक्षा अधिकारी मल्ला रेड्डी ने प्रायोजित किया, जबकि जिला कलेक्टर वी. विनोद कुमार ने भी इसमें सहयोग दिया। छात्रों ने कहा कि यह अनुभव उनके जीवन का यादगार पल बन गया है और यह उन्हें भविष्य में अपने लक्ष्य पाने के लिए प्रेरित करेगा।
हवाई यात्रा बना प्रेरणा का जरिया: छात्रों ने साझा किए अनुभव
पिछले सप्ताह हैदराबाद-बेंगलुरु फ्लाइट से जिन छात्राओं ने पहली बार हवाई यात्रा की, उनमें से एक, टी. मधुश्री ने बताया, “हममें से ज्यादातर छात्राएं बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) परिवारों से हैं। हमारे जीवन में इससे पहले कभी कार की यात्रा तक नहीं की थी, और अब हवाई जहाज में बैठना एक सपना जैसा था।” उनकी सहपाठी वाई. ईश्वरी ने इस अनुभव को “शानदार और अविस्मरणीय” बताया। उन्होंने कहा, “मल्ला रेड्डी सर ने हमें पहले ही बता दिया था कि जो छात्र 550 से अधिक अंक लाएंगे, उन्हें फ्लाइट से यात्रा करने का मौका मिलेगा। यह बात मेरे लिए एक बड़ी प्रेरणा बनी, जिससे मैंने परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन किया।”
अधिकारियों और शिक्षकों की प्रेरणादायक पहल
मंडल शिक्षा अधिकारी मल्ला रेड्डी ने बताया, “इन सभी छात्राओं का पारिवारिक और आर्थिक पिछित्रभूमि बेहद कमजोर है, लेकिन फिर भी उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन किया। अगर सरकारी स्कूलों के शिक्षक और प्रधानाध्यापक ऐसे नवाचार करें, तो ये बच्चे कहीं बेहतर कर सकते हैं।”
इसी तरह विजयनगरम जिले में शिक्षक मरदाना सत्य राव ने दो होनहार छात्रों — संगीरेड्डी विवेक और टी. रेवंत — के लिए हवाई यात्रा प्रायोजित की। विवेक ने एसएससी परीक्षा में 593 और रेवंत ने 591 अंक हासिल किए। दोनों ने 5 मई को विजयवाड़ा से विशाखापत्तनम तक फ्लाइट में सफर किया, जो उनके लिए एक यादगार अनुभव बन गया।
यह पहल न केवल छात्रों को सम्मानित करने का एक अनूठा तरीका है, बल्कि आगे और बेहतर करने के लिए एक मजबूत प्रेरणा भी है।






