टेनिस खिलाड़ी राधिका यादव हत्याकांड में बड़ा खुलासा: पुलिस को नहीं लग रही तानों वाली थ्योरी सही
टेनिस प्लेयर राधिका यादव की हत्या के मामले में चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी पिता दीपक यादव बेहद गुस्सैल स्वभाव का था और छोटी-छोटी बातों पर भड़क उठता था। बताया जा रहा है कि राधिका के कंधे में चोट लगने के बाद उसी के कहने पर दीपक ने उसकी टेनिस एकेडमी शुरू करवाई थी, जिसमें उसने करीब 2 करोड़ रुपये खर्च किए थे। राधिका एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी थी और 5-6 देशों की यात्रा भी कर चुकी थी।
सूत्रों के मुताबिक, दीपक यादव अपने परिवार को लेकर अत्यधिक संवेदनशील था। कोई भी अगर उसकी पत्नी, बेटे या बेटी के बारे में कुछ कहता, तो वह घर में ही गुस्सा निकालता। एक बार जब उसकी पत्नी मंजू अपने देवर से बात कर रही थी, तब भी दीपक ने उसे लेकर काफी गुस्सा दिखाया था।
खुद ही बनवाया था एकेडमी, फिर क्यों हत्या?
पुलिस जांच में सामने आया है कि राधिका ने चोट लगने के बाद टेनिस खेलना छोड़ दिया था और खुशी-खुशी अपनी एकेडमी चलाने लगी थी। एकेडमी की केयरटेकर तनु के मुताबिक, राधिका बहुत खुश रहती थी और बच्चों को ट्रेनिंग देने में पूरी तरह समर्पित थी। पिछले एक महीने से वह नियमित रूप से बच्चों को सिखाने आती थी। इस दौरान उसके पिता एक बार भी एकेडमी नहीं आए।
पुलिस को नहीं भा रही “ताना” थ्योरी
शुरुआत में आरोपी दीपक ने पुलिस को बताया था कि लोग उसे ताना देते थे कि वह अपनी बेटी की कमाई पर जी रहा है। लेकिन पुलिस इस थ्योरी को स्वीकार नहीं कर पा रही है। वजह यह है कि दीपक को अपनी संपत्तियों से हर महीने करीब 17 लाख रुपये किराए के रूप में मिलते थे और उसके पास करोड़ों की संपत्ति भी है। ऐसे में यह बात समझ नहीं आती कि कोई उसे पैसों को लेकर ताना क्यों देगा, और अगर ताना ही कारण था, तो फिर उसने खुद ही एकेडमी क्यों खुलवाई?
फिलहाल पुलिस इस मामले में पांच अहम सवालों के जवाब तलाश रही है, ताकि सच सामने लाया जा सके।






