छत्तीसगढ़ को मिली तकनीकी उड़ान: नवा रायपुर में कॉमन फैसिलिटी सेंटर की स्थापना को केंद्र की मंजूरी, सीएम विष्णु देव साय बोले – राज्य बन रहा टेक्नोलॉजी हब
रायपुर:
छत्तीसगढ़ ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। अब राज्य को प्रोटोटाइपिंग या इलेक्ट्रॉनिक्स टेस्टिंग के लिए बेंगलुरु, पुणे या नोएडा जैसे शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने नवा रायपुर में अत्याधुनिक कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC) की स्थापना को मंजूरी दे दी है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की दूरदर्शिता और आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी के मार्गदर्शन में तैयार इस परियोजना को राज्य के स्टार्टअप, इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री और युवाओं के लिए गेम-चेंजर माना जा रहा है। यह केंद्र छत्तीसगढ़ की उद्योग नीति के अनुरूप निवेशकों को भी आकर्षित करेगा।
क्या है इस फैसिलिटी सेंटर की खासियत?
नवा रायपुर के सेक्टर-22 में 3.23 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित होने वाले इस केंद्र पर कुल ₹108.43 करोड़ की लागत आएगी। इसमें से ₹75 करोड़ की वित्तीय सहायता केंद्र सरकार द्वारा EMC 2.0 योजना के तहत दी जा रही है, जबकि बाकी ₹33.43 करोड़ राज्य सरकार वहन करेगी। ज़मीन की उपलब्धता नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRANVP) सुनिश्चित कर रहा है।
यह फैसिलिटी सेंटर एक साझा प्लेटफॉर्म के रूप में काम करेगा, जिसमें निम्नलिखित अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी:
- PCB प्रोटोटाइपिंग और 3D प्रिंटिंग
- EMC परीक्षण
- वुड वर्कशॉप
- सेमीकंडक्टर, माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स, EV समाधान, ऑटोमेशन सिस्टम और SCADA पैनल जैसी तकनीकों के लिए विशेष लैब
यह सेंटर छोटे और मझोले इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माताओं के लिए संसाधन केंद्र बनेगा। उदाहरण के तौर पर, कोई स्टार्टअप यदि सोलर चार्ज कंट्रोलर डिज़ाइन करता है, तो वह बड़े पैमाने पर निर्माण से पहले यहां परीक्षण कर सकता है। इसी तरह, इलेक्ट्रिक वाहन के निर्माता अपने उत्पादों की इलेक्ट्रोमैग्नेटिक संगतता जांच सकते हैं।
3D प्रिंटिंग और PCB प्रोटोटाइपिंग की सुविधा से डिज़ाइन प्रक्रिया तेज़ होगी और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।
राज्य में निवेश को मिलेगा बल
इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग को आकर्षित करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार पहले से ही कई प्रोत्साहन योजनाएं चला रही है। CFC की स्थापना से स्थानीय और बाहरी निवेश को और भी गति मिलेगी। यह परियोजना राज्य के तकनीकी बुनियादी ढांचे को मजबूत करते हुए रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी।
क्या बोले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय?
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस परियोजना को राज्य के लिए टेक्नोलॉजी क्रांति की ऐतिहासिक शुरुआत बताया। उन्होंने कहा:
“यह पहल छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से समृद्ध बनाएगी। इससे स्टार्टअप्स और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा और राज्य वैश्विक स्तर पर इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का एक मजबूत केंद्र बनकर उभरेगा।”
आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने भी इस परियोजना को स्थानीय स्टार्टअप्स और उद्यमियों के लिए वरदान बताते हुए कहा कि पहले जो तकनीकी संसाधन सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित थे, अब वे छत्तीसगढ़ के युवाओं को भी सुलभ होंगे।
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में यह पहल डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है।






