स्थानीय प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई में सरकारी ज़मीन पर बनाए गए अवैध निर्माणों का खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि इन निर्माणों के मालिकों ने न केवल सरकारी ज़मीन पर कब्ज़ा किया था, बल्कि इन पर बने ढांचों को किराये पर देकर नियमित आय भी अर्जित कर रहे थे।
अधिकारियों के अनुसार, अवैध निर्माण के बारे में किसी भी संबंधित विभाग को सूचना नहीं दी गई थी। यह मामला तब सामने आया जब शिकायत मिलने पर प्रशासन ने स्थल का निरीक्षण किया। मौके पर पहुंची टीम ने पाया कि निर्माण पूरी तरह से बिना अनुमति के किया गया है और ज़मीन सरकारी रिकॉर्ड में सार्वजनिक संपत्ति के रूप में दर्ज है।
प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अवैध ढांचों को तोड़ने और ज़मीन को कब्ज़ा मुक्त कराने का आदेश दिया है। साथ ही, कब्जेदारों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही भी शुरू कर दी गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से यह अवैध गतिविधि चल रही थी, लेकिन अब प्रशासन की कार्रवाई से उम्मीद है कि सरकारी ज़मीन को बचाया जा सकेगा।






