नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के दौरान मंगलवार, 12 अगस्त 2025 को इंडिया ब्लॉक के सांसदों ने चुनाव धोखाधड़ी और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और आर. सुधा सहित कई विपक्षी नेताओं को एक जैसी टी-शर्ट पहने देखा गया, जिस पर बिहार की मिंता देवी का नाम और तस्वीर छपी थी। वजह—मतदाता सूची में मिंता देवी को 124 साल की महिला दिखाया गया है।
कौन हैं मिंता देवी और क्या है मामला?
मिंता देवी बिहार के सीवान जिले के अरजानीपुर गांव की रहने वाली हैं और धनंजय सिंह की पत्नी हैं। उनकी वास्तविक उम्र 35 साल है, लेकिन वोटर ड्राफ्ट में उनकी जन्मतिथि 1990 की बजाय 1900 दर्ज कर दी गई, जिससे उनकी उम्र 124 साल दिखाई दे रही है। यह उनका पहला वोटर लिस्ट में नाम जुड़ना था। दरौंदा विधानसभा क्षेत्र के बूथ नंबर 94 पर 526वें क्रमांक पर उनका नाम दर्ज है, जबकि मकान संख्या की जगह पति का नाम लिख दिया गया है।
वोटर लिस्ट में गड़बड़ी से परिवार परेशान
मिंता देवी और उनका परिवार इस गलती से हैरान है। विपक्षी दलों ने इस मामले को चुनाव आयोग की गंभीर चूक बताते हुए हमला बोला और संसद के बाहर टी-शर्ट पहनकर प्रदर्शन किया।
चुनाव आयोग का बयान
चुनाव आयोग ने बताया कि मिंता देवी से संपर्क कर गलती की जानकारी दी गई है। उन्होंने ऑनलाइन आवेदन भरते समय यह त्रुटि हो गई थी। आयोग ने उनका संशोधित आवेदन प्राप्त कर लिया है। वहीं, मिंता देवी के ससुर तेज बहादुर सिंह ने इसे बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की लापरवाही करार दिया।






