नई दिल्ली: कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ रविवार को रामलीला मैदान में छात्रों और शिक्षकों का बड़ा आंदोलन हुआ। “छात्र महाआंदोलन” के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन में करीब 1500 लोग शामिल हुए। निर्धारित समय के बाद अधिकतर प्रदर्शनकारी लौट गए, लेकिन लगभग 100 लोग डटे रहे। बार-बार समझाने और चेतावनी देने के बावजूद जब वे मैदान खाली करने को तैयार नहीं हुए तो पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 44 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
अगस्त के पहले सप्ताह में भी जंतर-मंतर पर इसी तरह का प्रदर्शन हो चुका है। छात्रों और शिक्षकों का आरोप है कि एसएससी की परीक्षाओं में लगातार अनियमितताएं हो रही हैं, जिससे लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उनका कहना है कि जब तक ठोस सुधार नहीं होते, आंदोलन जारी रहेगा।
छात्रों की प्रमुख मांगें
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धांधली पर रोक: अभ्यर्थियों का कहना है कि हाल ही में हुई स्टेनो परीक्षा की आंसर-की और सिलेक्शन पोस्ट के पहले पेपर में गड़बड़ियां सामने आई हैं। उनका आरोप है कि परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी धांधली कर रही है।
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प्रणालीगत सुधार: प्रदर्शनकारियों ने एसएससी की चयन प्रक्रिया को दोषपूर्ण बताया और मांग की कि प्रश्नपत्रों की त्रुटियां, उत्तर कुंजी से जुड़ी समस्याएं और मेरिट लिस्ट जारी करने में देरी जैसी शिकायतों का तत्काल समाधान किया जाए।
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परीक्षा केंद्र का आवंटन: छात्रों का आरोप है कि उन्हें परीक्षा देने के लिए 500 किलोमीटर दूर तक जाना पड़ता है। उनकी मांग है कि परीक्षा केंद्र अभ्यर्थियों के घर के नजदीक आवंटित किए जाएं।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि आयोग ने जल्द ही सुधारात्मक कदम नहीं उठाए, तो यह आंदोलन और तेज किया जाएगा।






