भारत के चिप सपने की बड़ी छलांग: टाटा कर्मचारियों को ताइवान में भेजा गया प्रशिक्षण
जब सपने सच करने की राह खुद स्थापित करनी हो, तो कदम बड़े होने चाहिए। टाटा ग्रुप ने यह उदाहरण गढ़ा है—यह समूह सेमीकंडक्टर (चिप) निर्माण की दिशा में एक ऐसा अभूतपूर्व कदम उठा रहा है। टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने अपने सैकड़ों कर्मचारियों को ताइवान के तकनीकी सहयोगी PSMC (Powerchip Semiconductor Manufacturing Corporation) के पास भेजकर अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर निर्माण प्रशिक्षण शुरू किया है
यह प्रशिक्षण वफ़ादार संचालन, उपकरण हैंडलिंग, प्रोसेस टेक्नॉलॉजी, क्वालिटी इंजीनियरिंग जैसी क्षमताओं से लैस है, जो चल रहे Dholera में ₹91,000 करोड़ के फेब और असम में ₹27,000 करोड़ के OSAT सुविधा की नींव मजबूत करेंगे
यह पहल न केवल भारत को तकनीकी सशक्त देश बनाने की दिशा में अग्रसरित कर रही है, बल्कि इस क्षेत्र में मानव संसाधन की कमी को भी दूर कर रही है। यह साबित करता है कि जब चाह हो, तो सपनों को साकार करना संभव है—और यह मात्र शुरुआत है।






