जीएसटी कटौती पर पीएम मोदी का बड़ा बयान, राजनाथ, शाह और पीयूष गोयल ने भी दी प्रतिक्रिया
नई दिल्ली। जीएसटी दरों में कटौती को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बयान सामने आया है। उन्होंने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा कि उन्हें खुशी है कि केंद्र और राज्यों की जीएसटी परिषद ने मिलकर केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए दर कटौती और सुधारों के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। पीएम मोदी ने कहा कि इस फैसले से आम जनता, किसानों, एमएसएमई, मध्यम वर्ग, महिलाओं और युवाओं को सीधा लाभ मिलेगा।
अर्थव्यवस्था होगी और मजबूत
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जीएसटी परिषद द्वारा मंजूर किए गए व्यापक सुधार नागरिकों के जीवन को सरल बनाएंगे और कारोबार को सुगम करेंगे। छोटे व्यापारियों और उद्यमों को इससे विशेष लाभ होगा। उन्होंने कहा कि जीएसटी दरों को युक्तिसंगत बनाने और प्रक्रियागत सुधारों के लिए केंद्र सरकार ने विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया था, जिसका मकसद आम आदमी का जीवन आसान बनाना और अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।
पीएम मोदी ने यह भी याद दिलाया कि स्वतंत्रता दिवस भाषण में उन्होंने जीएसटी में अगली पीढ़ी के सुधारों की घोषणा की थी। परिषद ने बुधवार को 5 और 18 प्रतिशत की नई दर संरचना को मंजूरी दी है, जो 22 सितंबर से लागू होगी।
राजनाथ सिंह का बयान
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में राहत पहुंचाने के लिए नए जीएसटी सुधारों की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि कई आवश्यक वस्तुओं पर टैक्स कम होने से यह सुधार जीवन को आसान बनाएगा, छोटे व्यवसायों को ताकत देगा और आत्मनिर्भर भारत अभियान को गति देगा।
अमित शाह ने बताया ऐतिहासिक फैसला
गृह मंत्री अमित शाह ने इसे ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि पीएम मोदी अपने वादों पर हमेशा कायम रहते हैं। उनके अनुसार, जीएसटी दरों में कटौती और प्रक्रिया सुधार गरीबों, किसानों, एमएसएमई, महिलाओं और युवाओं के लिए बड़ी राहत साबित होंगे। उन्होंने कहा कि ये सुधार न सिर्फ नागरिकों पर बोझ कम करेंगे, बल्कि छोटे व्यापारियों और उद्यमियों के लिए व्यापार करने में आसानी को और बढ़ावा देंगे।
पीयूष गोयल ने दी बधाई
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने पीएम मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को बधाई दी। उन्होंने जीएसटी सुधारों को सभी के लिए “ऐतिहासिक दिवाली उपहार” करार दिया। गोयल ने कहा कि दरों में कटौती और प्रक्रियागत बदलावों से उपभोक्ताओं को लाभ होगा, छोटे कारोबारों के लिए नए अवसर खुलेंगे और अर्थव्यवस्था के प्रमुख क्षेत्रों में विकास को बढ़ावा मिलेगा।






