राष्ट्रीय राजधानी से रविवार को एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले परिसर में आयोजित जैन धार्मिक समारोह से करीब एक करोड़ रुपये मूल्य का सोने और हीरे से जड़ा कलश चोरी हो गया। यह वारदात 3 सितंबर को उस समय हुई, जब प्रार्थना सभा में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे। अब दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान
क्राइम ब्रांच ने कलश चोरी के मामले में भूषण वर्मा नामक व्यक्ति को उत्तर प्रदेश के हापुड़ से पकड़ा है। आरोपी को सीसीटीवी फुटेज की मदद से ट्रेस किया गया।
जैन समुदाय के वेश में दी वारदात को अंजाम
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी जैन समाज से ताल्लुक नहीं रखता, लेकिन घटना के दौरान उसने धोती और चुन्नी पहनकर खुद को जैन श्रद्धालु के रूप में पेश किया। इस तरह उसने समारोह में घुसकर चोरी को अंजाम दिया। पुलिस का मानना है कि वारदात को बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया।
एक नहीं, तीन कलश चोरी?
पूछताछ में आरोपी ने दावा किया है कि सिर्फ एक नहीं बल्कि तीन कलश चोरी किए गए। फिलहाल पुलिस ने एक कलश बरामद कर लिया है और बाकी दो की तलाश जारी है। साथ ही, दो और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी चल रही है।
कलश का धार्मिक और भौतिक महत्व
बताया जा रहा है कि चोरी हुआ कलश 760 ग्राम सोने और 150 ग्राम हीरे, माणिक और पन्नों से जड़ा हुआ है। आयोजकों का कहना है कि इसकी कीमत भले करोड़ों में हो, लेकिन जैन समुदाय के लिए इसका धार्मिक महत्व कहीं अधिक है। चोरी की इस घटना से समुदाय में गहरी नाराज़गी और आहत भावना देखने को मिल रही है।






