नई दिल्ली: केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी दरों में की गई कटौती आज से लागू हो गई है। अब ज़रूरी सामानों पर 22 सितंबर से केवल दो स्लैब – 5% और 18% जीएसटी ही लगेगा। इस फैसले पर राजनीतिक हलकों से प्रतिक्रियाएं भी तेज़ी से सामने आ रही हैं।
दिवाली से पहले बड़ा तोहफ़ा: शहजाद पूनावाला
भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इसे दिवाली से पहले देश के लिए एक “बड़ा उपहार” करार दिया। उन्होंने कहा, “पीएम मोदी और निर्मला सीतारमण ने नवरात्रि, दिवाली और छठ पूजा से पहले देशवासियों को ‘बचत उत्सव’ का तोहफ़ा दिया है। जीएसटी 2.0 सुधारों से रोटी, कपड़ा और मकान की कीमतें कम होंगी।”
पूनावाला के अनुसार, नए स्लैब न केवल दरों को कम करेंगे बल्कि व्यवस्था को सरल भी बनाएंगे। इलेक्ट्रॉनिक सामान, स्वास्थ्य उत्पाद, शिक्षा सामग्री और वाहन सब सस्ते होंगे, जिससे हर वर्ग को राहत मिलेगी।
खरगे को प्रवीण खंडेलवाल का जवाब
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए CAIT महासचिव और बीजेपी सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि “जितना कम टैक्स, उतना अधिक राजस्व” का सिद्धांत दुनिया भर में स्वीकार किया गया है। उन्होंने इसे ‘बचत उत्सव’ बताते हुए दावा किया कि सामानों की कीमतें 15–20% तक घटेंगी और आम घर का बजट उतना ही सस्ता होगा।
दुकानदारों का सिरदर्द खत्म: योगेंद्र चंदौलिया
दिल्ली से भाजपा सांसद योगेंद्र चंदौलिया ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने दुकानदारों का सिरदर्द दूर कर दिया है। “लगभग 90% खाद्य और पेय पदार्थों पर शून्य टैक्स है। कई चीज़ें सस्ती होंगी और महंगाई पर भी नियंत्रण आएगा।”
सहकारी संघवाद की जीत: सीआर केसवन
हैदराबाद से भाजपा नेता सीआर केसवन ने कहा कि यह सुधार सहकारी संघवाद और संसदीय लोकतंत्र की बड़ी जीत है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की “स्वदेशी क्रांति” और “आत्मनिर्भर भारत” की दृष्टि ने जीएसटी को नया आयाम दिया है।
उनके अनुसार, “ये सुधार हर वर्ग को सशक्त बनाएंगे – चाहे वह दैनिक ज़रूरी वस्तुएं हों, वरिष्ठ नागरिकों का स्वास्थ्य बीमा हो या MSME व्यापारी।”






