ढाका: बांग्लादेश के प्रमुख आंदोलनकारी नेता शरीफ उस्मान हादी का सिंगापुर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। उनकी मौत की खबर सामने आते ही बांग्लादेश के कई इलाकों में हिंसा भड़क उठी और जगह-जगह उग्र प्रदर्शन शुरू हो गए। कुछ दिन पहले हादी को गोली मारी गई थी, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए सिंगापुर ले जाया गया था।
कौन था उस्मान हादी?
उस्मान हादी बांग्लादेश के चर्चित आंदोलनकारी और छात्र नेता थे। पिछले साल तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ चले आंदोलन में उनकी अहम भूमिका रही थी। हादी उन छात्र नेताओं में शामिल थे, जिनके नेतृत्व में शेख हसीना सरकार के खिलाफ बड़े पैमाने पर हिंसक प्रदर्शन हुए। इन आंदोलनों के चलते शेख हसीना को देश छोड़ना पड़ा था और उनकी सरकार सत्ता से बाहर हो गई थी।
हादी शेख हसीना विरोधी संगठन ‘इंकलाब मंच’ के प्रमुख नेता थे। यह संगठन शेख हसीना के खिलाफ आंदोलनों के दौरान सुर्खियों में आया था और बांग्लादेश में इसे एक कट्टरपंथी संगठन के रूप में देखा जाता है। इंकलाब मंच अवामी लीग को सत्ता से हटाने के प्रयासों में भी अग्रणी रहा है।
उस्मान हादी ढाका-8 निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार थे और फरवरी में होने वाले चुनावों के लिए प्रचार कर रहे थे। इसी दौरान उन पर हमला हुआ।
12 दिसंबर को मारी गई थी गोली
12 दिसंबर को ढाका के पल्टन इलाके में कल्वर्ट रोड पर बैटरी से चलने वाले ऑटो-रिक्शा में यात्रा के दौरान अज्ञात हमलावरों ने उस्मान हादी को गोली मार दी थी। हमले के बाद उन्हें ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। गंभीर हालत को देखते हुए 15 दिसंबर को उन्हें इमरजेंसी इलाज के लिए सिंगापुर जनरल हॉस्पिटल (SGH) के न्यूरोसर्जिकल आईसीयू में एयरलिफ्ट किया गया था। सिर में गोली लगने के बाद से ही उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।






