उम्र – लगभग 80 वर्ष शरीर जर्जर . कारण – षडयन्त्रकारियों द्वारा 3 बार ऐसा कालकूट विष दिया गया जिसकी 1 बून्द मात्र पी लेने से मतवाला हाथी भी 10 मिनट के अंदर दम तोड़ दे 22 बार शीशे का चूर्ण छल पूर्वक पिलाया गया 3 बार नाग जिसमें मान्त्रिक सर्प एवं 1 बार विषखोपड़ा ने डसा ।
पद – सनातन वैदिक हिन्दू धर्म की सर्वोच्च पद जगद्गुरु शङ्कराचार्य अनुपम कृति – वैदिक गणित के लगभग दो दर्जन ग्रंथों की रचना एवं विश्व में वैर्दिक गणित के एकमात्र विद्वान एवं वैज्ञानिक के रूप में ख्याति ।
1999 मैं विश्व बैंक की गुप्थी सिर्फ 8 मिनट मैं सुलझाना Indian Space Research Organisation isro को सलाह देना आदि कार्यो से प्रशिद्ध शकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती जी ।






