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पुरी समुद्र से प्रकट हुए भगवान जगन्नाथ! तूफानी लहरों के बीच दिखा दिव्य चमत्कार

ओडिशा के पुरी समुद्र तट पर एक चमत्कारी घटना ने पूरी दुनिया को आश्चर्य में डाल दिया। तेज समुद्री तूफान के दौरान उफनती लहरों के बीच पानी से भगवान जगन्नाथ की प्राचीन मूर्ति बाहर आती नजर आई। यह दृश्य इतना मनमोहक था कि स्थानीय मछुआरे, पर्यटक और भक्त स्तब्ध रह गए। वायरल वीडियो में साफ दिखा – गहरे नीले समुद्र से लकड़ी का विशाल स्वरूप धीरे-धीरे ऊभरता हुआ, मानो स्वयं भगवान ने अपने भक्तों को दर्शन देने का संकल्प लिया हो।

पुरी का महाप्रसाद वाली जगन्नाथ पुरी मंदिर हमेशा से आस्था और रहस्यों का केंद्र रहा। रथयात्रा के समय समुद्र की लहरें खुद-ब-खुद शांत हो जाती हैं, ऐसा लोक मान्यता है। इस बार तूफानी मौसम में मूर्ति का प्रकट होना भक्तों के लिए स्वर्णिम संकेत। एक बुजुर्ग सेवायत ने कहा, “यह जगन्नाथ जी की लीला है। मूर्ति पर चंदन और पीतांबर के चिह्न हैं, जो मंदिर की पूजा से मेल खाते। शायद वर्षों पहले बहकर आई।” भक्तों ने तुरंत मूर्ति की आरती उतारी, भजन गाए और प्रसाद वितरित किया। आसपास के गांवों से लोग दौड़े चले आए।

पुराणों में वर्णित है कि भगवान विष्णु समुद्र से बार-बार अवतरित होते रहे। पुरी के इतिहास में 18वीं सदी से ऐसी घटनाएं दर्ज हैं, जब शंख, चक्र या गदा समुद्र से मिलीं। वैज्ञानिक इसे ज्वारभाटा या धारा का प्रभाव मान सकते हैं, लेकिन भक्त इसे करुणा की वर्षा कहते। ओडिशा प्रशासन ने मूर्ति को सुरक्षित मंदिर ट्रस्ट के हवाले किया, जहां विशेष पूजा की जाएगी। पर्यावरणविदों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन से तूफान बढ़े हैं, लेकिन आस्था इससे अटल रहती।

सोशल मीडिया पर #JagannathFromSea वीडियो ने 50 लाख से ज्यादा व्यूज बटोरे। युवा भक्त लिख रहे, “भगवान हर पल साथ हैं!” पुरी पहुंचने वालों की संख्या दोगुनी हो गई। यह चमत्कार सिद्ध करता है कि प्रकृति और ईश्वर का संनाद कभी टूटता नहीं। समुद्र कभी क्रोधी, कभी दयालु – जगन्नाथ की कृपा से सब सुरक्षित। ओडिशा का यह तट आस्था का अमर प्रतीक बन गया!

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Author: sssrknews

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