महाराष्ट्र नगर निगम चुनावों के नतीजों में बीजेपी के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन को बड़ी सफलता मिली है। राज्य की 29 महानगरपालिकाओं के लिए सामने आ रहे रुझानों में अधिकांश जगहों पर महायुति की बढ़त और सत्ता बनती नजर आ रही है। राज्य की सबसे अहम और देश की सबसे बड़ी महानगरपालिका बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) में भी बीजेपी और शिवसेना गठबंधन बहुमत की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। इस जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी प्रतिक्रिया दी।
महायुति को शानदार सफलता मिली: सुधांशु त्रिवेदी
भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, “महाराष्ट्र नगर निगम चुनावों में भाजपा और हमारे सहयोगी दलों के साथ महायुति ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। यह स्पष्ट संकेत है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा और NDA के प्रति जनता का भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है। हाल ही में केरल के नगर निगम चुनावों में तिरुवनंतपुरम में पहली बार बहुमत हासिल किया और अब एशिया के सबसे बड़े नगर निगम बीएमसी में मिली यह अभूतपूर्व सफलता ऐतिहासिक है। इसके लिए हम महाराष्ट्र की जनता का आभार व्यक्त करते हैं।”
‘विकसित भारत’ के पक्ष में जनादेश: त्रिवेदी
सुधांशु त्रिवेदी ने आगे कहा कि महाराष्ट्र की जनता ने देश के विकास के नए दृष्टिकोण पर अपनी मुहर लगाई है। उनके मुताबिक, युवाओं और विशेषकर GenZ ने ‘विकसित भारत’ के विजन को समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि यह परिणाम देश के भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत हैं और नकारात्मक राजनीति करने वालों को जनता ने करारा जवाब दिया है। उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि INDI गठबंधन की पकड़ कमजोर होती दिख रही है।
यह उत्सव का दिन है: तरुण चुघ
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने जीत को ऐतिहासिक बताते हुए कहा, “यह जश्न का दिन है। महाराष्ट्र की जनता ने पीएम मोदी की नीतियों, राष्ट्रवाद और विकसित भारत के संकल्प पर भरोसा जताया है। यह परिणाम दिखाता है कि राष्ट्रविरोधी सोच और नकारात्मक राजनीति करने वालों को जनता ने नकार दिया है। यह जीत राष्ट्रवादी ताकतों की जीत है।”
तरुण चुघ ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव परिणामों से पहले ही कुछ नेता हार का बहाना ढूंढने लगे थे। उन्होंने कहा कि कभी ईवीएम, कभी चुनाव प्रक्रिया और कभी वोटर लिस्ट पर सवाल उठाए जाते हैं, जबकि जनता अपने मत से साफ संदेश दे चुकी है। चुघ ने कहा कि महाराष्ट्र सहित पूरे देश की जनता विपक्ष की राजनीति से असंतोष जता रही है और विकास व स्थिर नेतृत्व के पक्ष में खड़ी है।






