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चक्रवात Ditwah का तांडव: कोलंबो एयरपोर्ट पर 3 दिनों से फंसे 300 भारतीय यात्री, कई क्षेत्रों में भारी बारिश से हालात बिगड़े

चेन्नई/कोलंबो: बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात ‘Ditwah’ ने श्रीलंका और दक्षिण भारत में भारी तबाही मचाई है। तूफान के कारण कोलंबो के बांदरनायके अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर करीब 300 भारतीय यात्री तीन दिनों से फंसे हुए हैं, जिनमें 150 तमिल नागरिक भी शामिल हैं। छोटे विमानों की उड़ानों पर रोक लगने के कारण एयरपोर्ट पर यात्रियों का हाल मुश्किल है।

यात्रियों की परेशानी

दुबई से श्रीलंका होते हुए चेन्नई आ रहे यात्री रद्द उड़ानों की वजह से एयरपोर्ट पर फंसे हैं। कई लोग फर्श पर सोने को मजबूर हैं और उन्हें पर्याप्त खाना-पानी भी नहीं मिल रहा। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने मामले का संज्ञान लिया और राज्य प्रशासन को कोलंबो स्थित भारतीय दूतावास से तुरंत समन्वय करने का निर्देश दिया। भारतीय उच्चायोग अधिकारियों के प्रयासों से फंसे तमिल नागरिकों को जल्द सुरक्षित भारत लाने की कोशिश जारी है।

तमिलनाडु में उड़ानें रद्द

  • चेन्नई एयरपोर्ट ने शनिवार को कुल 54 उड़ानें रद्द की।

  • चेन्नई से तूतीकोरिन, मदुरै, त्रिची जाने वाली 16 उड़ानें रद्द हुईं।

  • इन शहरों से चेन्नई आने वाली 16 उड़ानें भी कैंसिल।

  • मदुरै, त्रिची, पुडुचेरी से बेंगलुरु-हैदराबाद की 22 उड़ानें रद्द।
    रविवार को छोटे हवाई अड्डों पर छोटे विमानों का परिचालन पूरी तरह बंद रहेगा। यात्रियों को अपनी एयरलाइन से फ्लाइट स्थिति जांचने की सलाह दी गई है।

भारत ने श्रीलंका को भेजी मदद

चक्रवात से प्रभावित श्रीलंका की मदद के लिए भारत ने ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ शुरू किया।

  • भारतीय वायुसेना का C-130J विमान करीब 12 टन राहत सामग्री लेकर कोलंबो पहुंचा।

  • भारतीय नौसेना के जहाज विक्रांत और उदयगिरि ने 4.5 टन सूखा राशन, 2 टन ताजा राशन और आवश्यक सामग्री भेजी।
    भारतीय उच्चायोग ने कहा, “मुश्किल समय में भारत श्रीलंका के लोगों के साथ खड़ा है।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीलंका में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि दी और राहत प्रयासों की जानकारी दी।

मौसम विभाग की चेतावनी

IMD के अनुसार चक्रवात Ditwah अभी श्रीलंका और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी पर है। यह धीरे-धीरे उत्तर तमिलनाडु-पुडुचेरी और दक्षिण आंध्र प्रदेश तट तक पहुंच सकता है। चेन्नई, पुडुचेरी और काराईकल से क्रमशः 400 किमी, 300 किमी और 190 किमी की दूरी पर यह तूफान है।

  • तमिलनाडु, दक्षिण आंध्र और पुडुचेरी में भारी बारिश, तेज हवाएं और जलभराव की संभावना।

  • ऑरेंज अलर्ट जारी।

बचाव और तैयारी

  • विल्लुपुरम जिले के सभी स्कूल बंद।

  • 103 संवेदनशील स्थान चिन्हित।

  • 55 नावें तैयार, 5 NDRF टीमें तैनात।

  • 12,700 बिजली के खंभे रिजर्व, 253 जेसीबी मशीनें स्टैंडबाय।

  • रामनाथपुरम में पर्यटक वैन को सुरक्षित निकाला गया, धनुषकोडी जाने पर पाबंदी।

बारिश और हालात

शनिवार को तमिलनाडु के तटीय और कावेरी डेल्टा क्षेत्रों में तेज बारिश हुई।

  • प्रभावित क्षेत्र: थंजावूर, नागपट्टिनम, मयिलादुतुरै, कुंभकोणम, कुड्डालोर, चेन्नई।

  • रामनाथपुरम और नागपट्टिनम में ऊंची लहरें और तेज हवाएं।

चक्रवात का नाम ‘Ditwah’ यमन के सोकोट्रा द्वीप पर स्थित देतवा लैगून के नाम पर रखा गया है। लोगों से अपील है कि अनावश्यक बाहर न निकलें और सुरक्षित रहें।

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Author: sssrknews

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