दिल्ली बम विस्फोट से जुड़े ‘सफेदपोश’ आतंकी मॉड्यूल की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। इस मामले में गिरफ्तार डॉ. शाहीन सईद ने स्वीकार किया है कि वह आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए महिलाओं की भर्ती करने की योजना बना रही थी। यह जानकारी फरीदाबाद पुलिस के सूत्रों ने दी।
एनआईए की पूछताछ में शाहीन का खुलासा
सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने पूछताछ के लिए शाहीन को वीरवार को अल-फलाह विश्वविद्यालय परिसर में लाया था। इसी दौरान उसने महिलाओं को आतंकवादी गतिविधियों में शामिल करने की अपनी योजना का उल्लेख किया।
जांच के दौरान एनआईए टीम ने उसके हॉस्टल रूम से 18.5 लाख रुपये नकद, सोने के बिस्कुट और विदेशी मुद्रा भी बरामद की, जिससे उसके संभावित नेटवर्क और फंडिंग को लेकर और सवाल उठ गए हैं।
अन्य संदिग्धों की पहचान जारी
जांच एजेंसी इस सप्ताह की शुरुआत में इसी मामले में गिरफ्तार डॉ. मुजम्मिल को पहचान के लिए विश्वविद्यालय लेकर आई थी। जल्द ही डॉ. आदिल अहमद को भी इसी प्रक्रिया के लिए लाया जा सकता है।
मुजम्मिल और आदिल दोनों लाल किला विस्फोट से जुड़े मामले में गिरफ्तार किए गए संदिग्ध हैं।
शाहीन का सऊदी अरब कनेक्शन
सूत्रों के मुताबिक शाहीन करीब चार साल सऊदी अरब में रही और 2014 से 2018 के बीच वहां एक मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर के रूप में कार्यरत थी।
पूछताछ के दौरान एनआईए की टीम उसे विश्वविद्यालय के मेडिकल वार्ड, कक्षाओं और उसके निजी कमरे में ले गई ताकि उसके संपर्कों, गतिविधियों और संभावित सहयोगियों की जानकारी जुटाई जा सके।
जांच में सामने आए और सुराग
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, एनआईए ने उन सभी लोगों की सूची तैयार कर ली है जिनसे शाहीन ने हाल के दिनों में संपर्क किया था। टीम उसे उस केमिकल दुकान पर भी लेकर गई, जहां से डॉ. मुजम्मिल ने कथित तौर पर विस्फोटक सामग्री खरीदने का प्रयास किया था।
लगभग चार घंटे चली पूछताछ और परिसर निरीक्षण के बाद एनआईए टीम शाहीन को रात लगभग 9 बजे दिल्ली वापस ले गई।






