मध्य प्रदेश में मूसलाधार बारिश से तबाही, कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात, 35 जिलों में अलर्ट जारी
मध्य प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से जारी भारी बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। नदी-नाले उफान पर हैं, तालाब और सड़कें एक जैसे नजर आने लगे हैं। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि कई पुलों पर पानी भर गया है और कई जगहों पर आवागमन पूरी तरह से बाधित हो गया है।
बाढ़ जैसे हालात, आमजन बेहाल
राज्य के शिवपुरी जिले में एक खतरनाक हादसा तब हुआ जब तीन युवक बाइक से नाला पार कर रहे थे, लेकिन पानी के तेज बहाव में बह गए। गनीमत रही कि पेड़ों की शाखाओं ने उनकी जान बचा ली। अशोकनगर के आरोन रोड स्थित सब्जी मंडी में 4 फीट तक पानी भर गया, जिससे दुकानों में रखा सामान पूरी तरह बह गया।
35 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश के 35 जिलों में भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। इनमें नीमच, मंदसौर, राजगढ़, आगर-मालवा, विदिशा, गुना, अशोकनगर और शिवपुरी शामिल हैं, जहां ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। वहीं, भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, धार जैसे जिलों में येलो अलर्ट जारी है।
हादसों की बाढ़: जान-माल का नुकसान
छतरपुर जिले में धसान नदी के तेज बहाव में एक पिकअप वाहन बह गया, जिससे एक व्यक्ति की मौत हो गई। दो अन्य लोगों ने वाहन का शीशा तोड़कर किसी तरह अपनी जान बचाई। टीकमगढ़ में जमदार नदी का पानी पुल पर चढ़ने से टीकमगढ़-ललितपुर हाईवे का संपर्क टूट गया।
वहीं, आधी रात को तिघरा बांध के पांच गेट खोलने पड़े, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया। छतरपुर में बन्ने नदी में तेज बहाव के चलते एक 26 वर्षीय युवक बह गया। रेहटी झोलियापुर में सोलवी नदी में एक पूरा परिवार बह गया, जबकि कोलार डेम में नहाने उतरे दो कॉलेज छात्र डूब गए।
प्रशासन अलर्ट, लेकिन चुनौती गंभीर
प्रशासन और आपदा प्रबंधन दल अलर्ट पर हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश और जगह-जगह से आ रही दुर्घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है। लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक रूप से नदियों, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों में न जाएं।
निष्कर्ष:
मध्य प्रदेश में भारी बारिश का कहर जारी है और हालात बिगड़ते जा रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में बारिश की रफ्तार और तेज हो सकती है। ऐसे में सतर्क रहना और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करना बेहद जरूरी है।






