आरबीआई की मौद्रिक नीति समीक्षा से पहले रियल एस्टेट कंपनियों ने रेपो रेट में कटौती की उम्मीद जताई है। रियल एस्टेट सेक्टर के प्रमुख संगठन क्रेडाई और नारेडको का मानना है कि भारतीय रिजर्व बैंक शुक्रवार को रेपो रेट में कम से कम 0.25% की कमी कर सकता है। उद्योग के अनुसार, इससे मकानों की मांग में वृद्धि होगी और सेक्टर को नई गति मिलेगी। मौद्रिक नीति समिति की तीन दिवसीय बैठक चार जून से शुरू हुई है, जिसमें केंद्रीय बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा शुक्रवार को फैसले का ऐलान करेंगे।
0.50% रेट कट की उम्मीद
क्रेडाई के राष्ट्रीय अध्यक्ष शेखर पटेल ने कहा, “हम रेपो रेट में 0.50% की कटौती की उम्मीद कर रहे हैं, जिससे हाउसिंग डिमांड में काफी वृद्धि होगी।” उन्होंने यह भी बताया कि कम से कम 0.25% की कटौती होनी चाहिए। पटेल ने कहा, “पिछले तीन महीनों में आवास की मांग में थोड़ी कमी आई है, इसलिए दरों में कटौती से बिक्री में सुधार में मदद मिलेगी।”
आरबीआई ने फरवरी और अप्रैल की मौद्रिक नीति समीक्षाओं में रेपो रेट में क्रमशः 0.25% की कटौती की है। वहीं, नारेडको के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरि बाबू ने कहा कि रियल एस्टेट सेक्टर हमेशा आरबीआई की मौद्रिक नीति पर बारीकी से नजर रखता है, क्योंकि इसका आवास की मांग पर सीधा और अप्रत्यक्ष दोनों तरह से गहरा असर पड़ता है।
रियल एस्टेट का आर्थिक वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान
हरि बाबू ने बताया कि रियल एस्टेट अर्थव्यवस्था का एक अहम स्तंभ है, जो सीमेंट और इस्पात से लेकर फर्नीचर और सजावट तक 200 से अधिक उद्योगों से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा, “इसलिए, रेपो रेट में कटौती से न सिर्फ आवास की मांग बढ़ेगी, बल्कि समग्र आर्थिक विकास को भी मजबूती मिलेगी और बड़ी संख्या में रोजगार सृजित होंगे।”
अंसल हाउसिंग के निदेशक कुशाग्र अंसल ने कहा, “आवास कर्ज की ईएमआई पर ब्याज दरों में कटौती का सीधा प्रभाव पड़ता है। अगर आरबीआई फिर से दरें कम करता है, तो मध्यम वर्ग के लिए घर खरीदना और भी आसान हो जाएगा। कम मासिक किस्तों की वजह से लोग बेहतर फैसले ले सकेंगे, जिससे फ्लैट की मांग में भी बढ़ोतरी हो सकती है।”
2 साल से कर रहा शानदार प्रदर्शन
गौड़ ग्रुप के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मनोज गौड़ ने कहा, “रियल एस्टेट बाजार संभवतः देश का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण सेक्टर है, जो पिछले दो साल से लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। हमें इस बार भी रेपो रेट में कटौती की उम्मीद है।” उन्होंने आगे बताया, “रियल एस्टेट सेक्टर की गति काफी हद तक ब्याज दरों पर निर्भर करती है। अगर आरबीआई इस बार भी रेपो रेट में कटौती करता है, तो इसका सीधे बाजार को लाभ मिलेगा।”
कृष्णा समूह और कृसुमी कॉरपोरेशन के चेयरमैन अशोक कपूर ने कहा, “आरबीआई ने अपनी पिछली नीति समीक्षा बैठक में उदार रुख अपनाया था और उम्मीद है कि इस बार भी कटौती होगी, जिससे अर्थव्यवस्था के विभिन्न सेक्टर्स को राहत मिलेगी।”
एआरआईपीएल के संस्थापक और प्रबंध निदेशक सुरेंद्र कौशिक ने कहा, “रेपो रेट में केवल 1% की कटौती भी 20 साल के होम लोन पर ग्राहकों को बड़ी बचत दिला सकती है। यह बचत घर खरीदने वालों के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन होती है, जिससे वे तेजी से निर्णय लेते हैं और रियल एस्टेट सेक्टर में उनका भरोसा भी मजबूत होता है। इसका असर समग्र मांग में सकारात्मक रूप से दिखाई देता है।”






