1 दिसंबर 2025 से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो चुका है, और इसी के साथ नए उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने राज्यसभा के सभापति के रूप में सदन में पहली बार कार्यभार संभाला। सत्ता पक्ष और विपक्ष—दोनों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इसी दौरान कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे की एक टिप्पणी पर पूरा सदन ठहाकों से गूंज उठा और स्वयं उपराष्ट्रपति भी हंसी रोक नहीं पाए।
खरगे का मजेदार तंज: “संतुलन बनाकर चलें सभापति जी”
अपने स्वागत संबोधन की शुरुआत में खरगे ने हल्के-फुल्के अंदाज़ में सभापति सी.पी. राधाकृष्णन की तुलना पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन से करते हुए कहा,
“आप उनके हमनाम हैं, उम्मीद है हमख़्याल भी होंगे।”
इसके बाद उन्होंने सत्ता पक्ष की ओर इशारा कर तंज कसते हुए कहा:
“आप अपने आसन से उधर ज्यादा मत देखिए, खतरा है… इधर न देखेंगे तो भी खतरा है। इसलिए दोनों तरफ संतुलन बनाए रखिए, तभी अच्छा होगा।”
इस मजाक पर सदन में हंसी का माहौल बन गया और सभापति खुद भी मुस्कुरा उठे।
“आप कांग्रेस के घराने से आए हैं”—RSS पृष्ठभूमि पर भी टिप्पणी
पीएम मोदी द्वारा संबोधन में राधाकृष्णन के RSS बैकग्राउंड का जिक्र किए जाने पर खरगे ने कहा:
“आप जिस पृष्ठभूमि से आते हैं, हम मानते हैं… लेकिन यह भी याद रखिए कि आप यहां कांग्रेस के घराने से आए हैं।”
उन्होंने सभापति के सफल कार्यकाल की शुभकामनाएँ देते हुए अपना स्वागत भाषण समाप्त किया।
पीएम मोदी के बयानों पर पलटवार
कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री मोदी की उस टिप्पणी का भी जवाब दिया जिसमें पीएम ने बिहार चुनाव में विपक्ष की हार को लेकर कहा था कि विपक्ष को “अवसाद से बाहर निकलना चाहिए।”
खरगे ने इस बयान को लेकर प्रधानमंत्री पर पलटवार किया और कहा कि विपक्ष अपनी भूमिका निभाएगा और सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करता रहेगा।






