संभल जिले में हुई हालिया हिंसा के मामले में समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद जियाउर्रहमान बर्क से विशेष जांच दल (SIT) द्वारा की जा रही पूछताछ अब समाप्त हो गई है। SIT की यह पूछताछ कई घंटों तक चली, जिसमें सांसद से हिंसा की पृष्ठभूमि, बयानबाजी और उनके कथित संबंधों को लेकर सवाल-जवाब किए गए।
क्या है संभल हिंसा मामला?
संभल जिले में कुछ समय पहले भड़क उठी हिंसा ने प्रदेश में तनाव का माहौल खड़ा कर दिया था। इस हिंसा में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया और कई लोग घायल हुए। पुलिस प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए SIT का गठन किया और जांच शुरू की।
SIT ने क्यों बुलाया जियाउर्रहमान बर्क को?
SIT ने हिंसा के संदर्भ में जियाउर्रहमान बर्क की भूमिका को स्पष्ट करने के लिए उन्हें तलब किया। जांच एजेंसी को संदेह था कि सांसद के कुछ बयानों और गतिविधियों ने भीड़ को उकसाने का काम किया हो सकता है। हालांकि, सांसद ने पूछताछ के दौरान किसी भी प्रकार की हिंसात्मक भूमिका से इनकार किया और सहयोगात्मक रुख अपनाया।
पूछताछ में क्या हुआ खुलासा?
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SIT ने सांसद से उनके सोशल मीडिया बयानों, जनसभाओं में दिए गए भाषणों और घटना के दिन की गतिविधियों के बारे में विस्तार से पूछताछ की।
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जियाउर्रहमान बर्क ने स्पष्ट किया कि वे शांति और संविधान के पक्षधर हैं और किसी भी प्रकार की हिंसा को बढ़ावा नहीं देते।
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सूत्रों के अनुसार, SIT ने उनसे हिंसा में शामिल व्यक्तियों के साथ उनके संपर्कों की जानकारी भी मांगी।
SIT की जांच अब किस मोड़ पर है?
अब जबकि जियाउर्रहमान बर्क से पूछताछ पूरी हो चुकी है, SIT जल्द ही इस मामले में रिपोर्ट तैयार करेगी। जांच एजेंसी ने कहा है कि वह सभी तथ्यों और बयानों को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगी।







