आशा भोसले के निधन के कुछ ही हफ्तों बाद भारतीय संगीत जगत को एक और बड़ा झटका लगा है। दिग्गज सिंगर सुमन कल्याणपुर, जिनकी मधुर आवाज ने कई पीढ़ियों के लोगों को मंत्रमुग्ध किया, उनका रविवार, 31 मई को 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया। सिनेमा में उनकी यात्रा ‘शुक्रची चांदनी’ और ‘मंगू’ (1954) जैसी फिल्मों से शुरू हुई थी।
वर्षों से उन्होंने ‘शराबी शराबी ये सावन का मौसम’, ‘आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे’, ‘ना ना करते प्यार’, ‘ना तुम हमें जानो’, ‘परबतों के पेड़ों पर’ और ‘निम्बोनीच्या झाड़ा मागे’ जैसे कई सदाबहार गानों को अपनी आवाज दी। मोहम्मद रफी के साथ उनके सहयोग को काफी लोकप्रियता मिली। उनके निधन की खबर के बाद श्रद्धांजलि का तांता लग गया, जिनमें वरिष्ठ एनसीपी नेता शरद पवार और सिंगर फैयाज सबसे पहले शोक व्यक्त करने वालों में शामिल थे।
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