भोपाल/ग्वालियर: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश कृषि के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और आने वाले समय में खेती के मामले में पंजाब को भी पीछे छोड़ सकता है। उन्होंने किसानों को प्रदेश की अर्थव्यवस्था और विकास की रीढ़ बताते हुए कहा कि सरकार खेतों से लेकर किसानों के बैंक खातों तक उनके कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह बात 2 सितंबर को ग्वालियर में आयोजित बलराम जयंती महोत्सव को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद किसानों पर पुष्प वर्षा कर उनका सम्मान किया। इस दौरान उन्होंने ऑनलाइन किसान क्रेडिट कार्ड पोर्टल, कृषक कवच योजना, नवनिर्मित 200 पैक्स समितियों के कार्यालयों और ग्वालियर में अपेक्स बैंक की संभागीय शाखा का शुभारंभ किया।
ढाई साल में बढ़ी मध्य प्रदेश की बिजली उत्पादन क्षमता
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषक कवच योजना के जरिए सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है। प्रदेश में किसानों को सिंचाई के लिए 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जा रही है और अब दिन के समय भी बिजली देने की दिशा में काम किया जा रहा है।
उन्होंने दावा किया कि मध्य प्रदेश बिजली उत्पादन के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। आजादी के बाद करीब 55 वर्षों में प्रदेश की बिजली उत्पादन क्षमता लगभग 5 हजार मेगावॉट थी। बाद में यह क्षमता बढ़कर 25 हजार मेगावॉट हुई। मुख्यमंत्री के मुताबिक, मौजूदा सरकार के ढाई साल के कार्यकाल में इसमें 6 हजार मेगावॉट की बढ़ोतरी हुई है और अब प्रदेश की बिजली उत्पादन क्षमता करीब 31 हजार मेगावॉट हो गई है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में सिंचाई का रकबा 60 लाख हेक्टेयर से अधिक हो चुका है। सरकार का लक्ष्य अगले ढाई वर्षों में इसे बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाना है।
खेतों से खातों तक किसानों के हित में फैसले
सीएम योगी ने नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने किसानों के लिए कर्ज चुकाने की प्रक्रिया को भी आसान बनाया है। अब किसानों को हर छह महीने में ही अपना खाता निपटाने की बाध्यता नहीं होगी। नई व्यवस्था के तहत किसान साल में किसी भी समय अपने कर्ज की राशि जमा कर सकेंगे।
उन्होंने किसानों से पारंपरिक अनाज की खेती के साथ उद्यानिकी फसलों पर भी ध्यान देने की अपील की। इसी उद्देश्य से ‘एक बगिया मां के नाम’ योजना शुरू की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पशुपालन को भी बढ़ावा दे रही है। दूध उत्पादन में 20 प्रतिशत तक वृद्धि के लक्ष्य के साथ नई गौपालन योजना शुरू की गई है। इसके तहत पशुपालकों को 40 लाख रुपये तक के ऋण पर 10 लाख रुपये का अनुदान दिया जा रहा है।
इसके अलावा किसानों और ग्रामीणों को मत्स्य पालन, कुकुट पालन और बकरी पालन जैसी गतिविधियों से जोड़ने का भी प्रयास किया जा रहा है।
युवाओं को रोजगार से जोड़ने पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सरकार युवाओं के कल्याण और रोजगार के लिए लगातार काम कर रही है। बोर्ड परीक्षाओं में 75 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप वितरित किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के युवा डॉक्टर और इंजीनियर बनें, लेकिन अपनी जड़ों और खेती से जुड़े रहें। कृषि प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को किताबें, यूनिफॉर्म और साइकिलें उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रदेश में सांदीपनि विद्यालय भी विकसित किए जा रहे हैं। युवाओं को उद्योग और रोजगार के अवसरों से जोड़कर उन्हें रोजगार देने वाला बनाने की दिशा में सरकार काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की कृषि क्षमता लगातार बढ़ रही है और किसानों को अपनी जमीन बेचने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आने वाले समय में प्रदेश खेती के क्षेत्र में पंजाब से आगे निकलने की दिशा में बढ़ रहा है।
सड़क हादसे में घायलों को अस्पताल पहुंचाने पर 25 हजार रुपये
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में एक्सप्रेसवे, हाईवे और ग्रीनफील्ड रोड का नेटवर्क तेजी से विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही एविएशन और रेल कनेक्टिविटी को भी मजबूत किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि जरूरतमंद लोगों को नि:शुल्क एयर एंबुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। ‘राहवीर योजना’ के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वाले लोगों को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।
सीएम ने कहा कि सरकार ने सहकारिता विभाग से जुड़े 16 बैंकों को डिफॉल्टर होने से बचाने के लिए उन्हें पर्याप्त आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत वैश्विक स्तर पर अपनी अलग पहचान बना रहा है। उन्होंने देश की आर्थिक विकास दर और विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे विकास कार्यों का भी जिक्र किया।
ग्वालियर-चंबल में सिंचाई परियोजनाओं से खेती को बढ़ावा
केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि भारत कृषि प्रधान देश है और किसानों की समृद्धि देश की प्रगति से सीधे जुड़ी है। उन्होंने बलराम जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम और सहकारिता सम्मेलन को किसानों के लिए महत्वपूर्ण बताया।
सिंधिया ने कहा कि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में बने बांधों और जलाशयों से कृषि को फायदा हो रहा है। श्योपुर क्षेत्र को रेल नेटवर्क से जोड़ने से किसानों को अपनी उपज ग्वालियर जैसे बड़े बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह रेल लाइन जल्द ही ग्वालियर से कोटा तक पहुंचने की दिशा में आगे बढ़ेगी।
उन्होंने अक्षय ऊर्जा को भी किसानों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया और कहा कि इसका विस्तार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद करेगा।
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि ग्वालियर में करीब दो दशक से भगवान श्री बलराम जयंती महोत्सव मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रदेश के सभी जिलों में बलराम जयंती मनाने की शुरुआत की है। किसानों की समृद्धि को देश की समृद्धि से जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि जब किसान खुशहाल होंगे, तो देश भी मजबूत होगा।
किसानों को उचित मूल्य दिलाने पर सरकार का फोकस
युवा कल्याण एवं सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि राज्य सरकार विकास और जनकल्याण को प्राथमिकता देते हुए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ‘कृषक कल्याण वर्ष’ मनाने का निर्णय लिया है। सहकारिता विभाग के माध्यम से किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।
सारंग ने कहा कि सरकार का लक्ष्य सहकारिता के माध्यम से किसानों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाना है। बलराम जयंती के अवसर पर उन्होंने किसानों की खेती को लाभ का माध्यम बनाने और उनकी फसलों का उचित मूल्य सुनिश्चित करने का संकल्प भी दोहराया।
“Madhya Pradesh to surpass Punjab in the agriculture sector”: CM Mohan Yadav outlines a major vision for farmers.
Diclaimer : इसका हमारी The भारत SSSRK News24x7 समाचार और राष्ट्र दर्शन (सबसे तेज़, सबसे आगे…),
यह एक आंकलन मात्र है…







